Delhi School News: दिल्ली में अब नए स्कूल खोलने के लिए सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को इस फैसले को मंजूरी दी, जिससे आरटीई कानून के अनुरूप नियम बदले गए हैं।
दिल्ली में अब नए स्कूल खोलने के लिए सरकारी मंजूरी की आवश्यकता नहीं होगी। सरकार ने 'एसेंशियलिटी सर्टिफिकेट' लेने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है। मान्यता की प्रक्रिया अब 'सेल्फ सर्टिफिकेशन' के आधार पर पूरी होगी।
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शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शनिवार को इस महत्वपूर्ण फैसले को मंजूरी दी। इसके तहत दिल्ली स्कूल शिक्षा नियम, 1973 के कुछ प्रावधानों को हटाया जाएगा। ये प्रावधान सरकार को यह तय करने का अधिकार देते थे कि किसी इलाके में नया स्कूल खोलना जरूरी है या नहीं। घनी आबादी वाले इलाकों में स्कूल खोलने के लिए जमीन से जुड़ी शर्तों में भी ढील दी गई है।
ये सभी बदलाव शिक्षा के अधिकार (आरटीई) कानून के अनुरूप किए गए हैं। पहले स्कूल खोलने से पहले आवेदनकर्ता को सरकार को सूचना देनी पड़ती थी। उन्हें अनुमति जैसी प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ता था। सरकार पहले से मौजूद स्कूलों की संख्या देखकर नए स्कूल की जरूरत तय करती थी। अब ये दोनों शर्तें हटा दी गई हैं, जिससे प्रक्रिया सरल होगी।
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नियमों में बदलाव का कारण
यह निर्णय दिल्ली में शिक्षा के विस्तार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लिया गया है। पुराने नियमों के कारण नए स्कूल खोलने में अनावश्यक देरी होती थी। सरकार की अनुमति और जरूरत का निर्धारण एक जटिल प्रक्रिया थी। इससे शिक्षा क्षेत्र में निवेश और नए संस्थानों की स्थापना बाधित होती थी। आरटीई कानून के तहत सभी बच्चों को शिक्षा का अधिकार सुनिश्चित करना है।
नई 'सेल्फ सर्टिफिकेशन' व्यवस्था से स्कूल खोलने की प्रक्रिया तेज होगी। इससे शिक्षा के बुनियादी ढांचे में तेजी से वृद्धि होने की उम्मीद है। घनी आबादी वाले क्षेत्रों में भी अब आसानी से स्कूल खुल सकेंगे। यह बदलाव शिक्षा तक पहुंच को बेहतर बनाने में सहायक होगा। इससे छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अधिक विकल्प मिलेंगे।