बिसाहड़ा में पूरे 15 दिन बाद अमन-चैन का माहौल दिखाई दिया। दो सप्ताह से गांव में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था, जिसे सोमवार को कम कर दिया गया है। अब केवल दो सीओ, तीन थानाध्यक्ष और एक कंपनी पीएसी को ही गांव में छोड़ा गया है। बाकी पुलिस फोर्स का वहां से रवाना कर दिया गया है।
इससे इकलाख हत्याकांड के बाद से छावनी में तब्दील हुआ बिसाहड़ा समेत आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सास ली है। दो सप्ताह से गांव में पीएसी की कई कंपनी, आरएएफ और अन्य पुलिस तैनात था जबकि डीएम से लेकर एसएसपी, एसपी तथा जिले के एडीएम, एसडीएम और सीओ तथा इंस्पेक्टर गांव में तैनात थे।
गांव में शांति होने पर सोमवार को पुलिस बल की भी कटौती कर दी गई। हालांकि हटाए गए फोर्स को तैयार रहने की हिदायत दी गई है। वहीं ग्रामीण कह रहे हैं कि अब पुलिस फोर्स के गांव में आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।