मंडी रोड और बांध रोड पर बनेगा नया जलनिकासी नेटवर्क, चार किलोमीटर मंडी रोड भी दोबारा बनाई जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के छतरपुर क्षेत्र के सुल्तानपुर, गदाईपुर और जौनापुर गांवों के लोगों को हर मानसून में होने वाले जलभराव से राहत मिलने की उम्मीद है। दिल्ली सरकार ने क्षेत्र में जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए 25.60 करोड़ रुपये की प्रशासनिक और व्यय मंजूरी दी है।
लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की इस योजना के तहत मंडी रोड और बांध रोड पर नए ड्रेन बनाए जाएंगे और बारिश के पानी की निकासी तेज करने के लिए दो पंप हाउस स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, मंडी रोड का पुनर्निर्माण भी किया जाएगा।
योजना के तहत मंडी रोड के दोनों ओर कुल 1,420 मीटर और बांध रोड पर 1,920 मीटर लंबाई में प्री-कास्ट ड्रेन बनाए जाएंगे। इसके अलावा, चार किलोमीटर लंबी मंडी रोड को मजबूत बिटुमिन सड़क के रूप में दोबारा विकसित किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था तैयार कर अगले मानसून से पहले लोगों को राहत पहुंचाना है।
शहरीकरण से बाधित हुई प्राकृतिक जलनिकासी
मंडी रोड सीडीआर चौक से जौनापुर गांव होते हुए दिल्ली-हरियाणा सीमा तक जाती है। क्षेत्र के निचले भूभाग में स्थित होने के कारण बारिश के दौरान यहां पानी जमा हो जाता है। पहले प्राकृतिक नाले के जरिए पानी हरियाणा की ओर निकल जाता था, लेकिन तेजी से हुए शहरीकरण के कारण जलनिकासी का रास्ता बाधित हो गया। इससे हर मानसून में जलभराव, यातायात जाम और सड़क क्षतिग्रस्त होने की समस्या सामने आती है। अब तक अस्थायी पंपिंग के जरिए ही लोगों को कुछ समय के लिए राहत मिल पाती थी।
एमसीडी से पीडब्ल्यूडी को मिली जिम्मेदारी
पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह के जुलाई में किए गए निरीक्षण के बाद यह योजना तैयार की गई। उस दौरान भारी बारिश से मंडी रोड पर जलभराव हुआ था। स्थानीय लोगों ने मंत्री को अपनी समस्याओं से अवगत कराते हुए स्थायी समाधान की मांग की थी। पहले मंडी रोड दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अधीन थी, लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को सौंप दी गई है। सड़क के पुनर्निर्माण के लिए संयुक्त निविदा प्रक्रिया के तहत वित्तीय बोलियां खोली जा चुकी हैं और जल्द ही काम आवंटित किया जाएगा।
गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर
प्री-कास्ट ड्रेन तकनीक से निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने पर जोर दिया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों और यातायात को कम से कम परेशानी हो। हमारा लक्ष्य अगले मानसून से पहले जलनिकासी व्यवस्था को दुरुस्त कराना है, जिससे सुल्तानपुर, गदाईपुर और जौनापुर के निवासियों को हर साल होने वाले जलभराव से स्थायी राहत मिल सके।
- प्रवेश साहिब सिंह, मंत्री