फास्टैग की उपलब्धता में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने इसे एक दिसंबर के बजाय 15 दिसंबर से अनिवार्य करने का फैसला किया है।
केंद्रीय सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, उपलब्धता में परेशानी की खबरें मिलने के बाद राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित 560 टोल प्लाजा पर 15 दिसंबर से सभी लेन फास्टैग लेन होंगे। केंद्र सरकार अब तक 70 लाख से ज्यादा फास्टैग जारी कर चुकी है।
दरअसल, डिजिटल भुगतान के प्रोत्साहन, समय की बचत के लिहाज से देश के सभी फी प्लाजा पर तमाम लेन 15 दिसंबर तक फास्ट टैग लेन बना दिए जाएंगे। फास्ट टैग लेन होने से वाहनों को आवागमन में कम वक्त लगेगा, जिससे ईंधन पर होने वाले खपत और समय की बचत होगी।
सड़क, परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से रेडियो फ्रिक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस (आरएफआईडी)आधारित फास्ट टैग का सभी वाहनों में इस्तेमाल किया जाएगा।
हालांकि इस दौरान अधिक बड़े या विशेष आकार के वाहनों के लिए एक हाइब्रिड लेन का भी प्रावधान होगा ताकि फास्ट टैग सहित अन्य जरिये से भी शुल्क का भुगतान किया जा सके।
लेकिन नागरिकों की सुविधा, फास्ट टैग की उपलब्धता सहित अन्य वजहों को ध्यान में रखते हुए अब 15 दिसंबर तक सभी फी प्लाजा पर फास्ट टैग लेन बनाया जाएगा। पहले एक दिसंबर तक सभी फी प्लाजा को फास्ट लेन बनाने की घोषणा की गई थी।
सभी फी प्लाजा (टोल प्लाजा) से वाहनों को बगैर रुकावट गुजरने और सुलभ यात्रा के लिहाज से मंत्रालय की अेर से 19 जुलाई को इस संबंध में आदेश जारी किया गया था। लेकिन नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अब सभी फी लेन को 15 दिसंबर तक फास्ट लेन में तब्दील किया जाएगा।
हालांकि इस दौरान भी हाइब्रिड लेन से भी ओवरसाइज(बड़े आकार) के वाहनों को राहत मिलेगी। आवागमन की पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रखी जाएगी ताकि चरणबद्ध तरीके से सभी फी लेन को फास्ट टैग लेन में बदला जा सके।