छोटे सिलिंडरों की दैनिक आपूर्ति 684 से बढ़ाकर 1,368 की गई
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अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली। राजधानी में प्रवासी मजदूरों को रसोई गैस की सुविधा सुलभ बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पांच किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलिंडरों की दैनिक उपलब्धता को दोगुना कर दिया है, जिससे अब मजदूरों को गैस के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।
सरकारी आदेश के अनुसार, इन छोटे सिलिंडरों की दैनिक आपूर्ति 684 से बढ़ाकर 1,368 कर दी गई है। यह फैसला भारत सरकार से प्रवासी मजदूर श्रेणी के तहत एफटीएल सिलिंडरों के आवंटन में 100 प्रतिशत वृद्धि की मंजूरी मिलने के बाद लिया गया है। इस बढ़ोतरी से राजधानी के उन इलाकों में राहत मिलने की उम्मीद है, जहां बड़ी संख्या में प्रवासी श्रमिक रहते हैं।
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दिल्ली सरकार ने यह भी तय किया कि इन सिलिंडरों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, इसके लिए जिलों में विशेष कैंप लगेंगे। जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि वे ऐसे क्षेत्रों की पहचान करें, जहां प्रवासी मजदूरों की संख्या अधिक है और वहां गैस वितरण के लिए कैंप आयोजित करें। इन कैंपों का संचालन तेल विपणन कंपनियों और अधिकृत एलपीजी वितरकों के सहयोग से किया जाएगा, ताकि वितरण प्रक्रिया सुचारु और पारदर्शी बनी रहे। मजदूरों को कैंप के माध्यम से आसानी से सिलिंडर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए लाभार्थियों को निर्धारित राशि का भुगतान करना होगा और पहचान के लिए आधार कार्ड दिखाना अनिवार्य होगा।
सरकार के अनुसार, कई बार प्रवासी मजदूरों को गैस कनेक्शन या सिलिंडर प्राप्त करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, खासकर तब जब वे अस्थायी रूप से किसी क्षेत्र में रहते हैं। ऐसे में पांच किलो के छोटे सिलिंडर उनके लिए अधिक सुविधाजनक और किफायती विकल्प साबित होते हैं। इस पहल की निगरानी के लिए जिला स्तर पर प्रवर्तन टीमों को भी सक्रिय किया गया है। ये टीमें मांग का आकलन करेंगी, वितरण व्यवस्था पर नजर रखेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि किसी भी स्तर पर गड़बड़ी न हो। सरकार ने कहा कि यह पहल न केवल गैस की उपलब्धता बढ़ाने में मदद करेगी, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगी कि जरूरतमंद मजदूरों को समय पर रसोई ईंधन मिल सके। इससे उनके दैनिक जीवन में सहूलियत बढ़ेगी और वे बिना किसी परेशानी के अपने काम पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।