-आर्थिक अपराध शाखा ने की गिरफ्तारी, इन पर फर्जी बैंक गारंटी के सहारे करोड़ों का टेंडर लेने का आरोप
-पुलिस रिमांड पर लेकर कर रही है पूछताछ, 68.20 करोड़ रुपये की बैंक की दो जाली गारंटी जमा की थी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने टेंडर हासिल करने के लिए बैंक की जाली गारंटी बनाने और इस्तेमाल करने के आरोप में रिलायंस पावर लिमिटेड के मुख्य वित्त अधिकारी और उनके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है। पहचान अशोक कुमार पाल, पार्थ सारथी बिस्वाल और अमरनाथ दत्ता के रूप में हुई है। इनपर आरोप है कि इन्होंने फर्जी बैंक गारंटी तैयार कर सरकारी कंपनी से करोड़ों रुपये का टेंडर हासिल किया।
शाखा के पुलिस उपायुक्त सुबोध कुमार गोस्वामी ने बताया कि सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के प्रबंधक बिबलेश मीणा ने शाखा में फर्जीवाड़ा की शिकायत की। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रिलायंस पावर लिमिटेड की एक सहायक कंपनी रिलायंस एनयू बीईएसएस लिमिटेड ने एक टेंडर प्रक्रिया के दौरान 68.20 करोड़ रुपये की बैंक की दो जाली गारंटी जमा कीं। यह गारंटी कथित तौर पर विदेशी बैंकों एसीई इन्वेस्टमेंट बैंक, मलेशिया और मनीला फिलीपींस के फस्ट रैंड बैंक लिमिटेड ने जारी की थीं। इनकी प्रामाणिकता को नकली ईमेल और एसबीआई से कथित तौर पर प्राप्त मनगढ़ंत स्ट्रक्चर्ड फाइनेंशियल मैसेजिंग सिस्टम के जरिए पुष्टि किया गया था। जिसे जांच के बाद बैंक ने नकार दिया।
मामले की जांच में पता चला कि रिलायंस पावर लिमिटेड के मुख्य वित्त अधिकारी अशोक कुमार पाल सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने कथित तौर पर बिचौलियों के साथ मिलकर नकली बैंक गारंटी का इंतजाम करने की साजिश रची और जाली दस्तावेज तथा एंडोर्समेंट तैयार करवाने के लिए बड़ी रकम का भुगतान किया था। जांच में यह पता चला कि अशोक कुमार पाल ने टेंडर हासिल करने के लिए विदेशी बैंकों से जाली बैंक गारंटी का इंतजाम करने के लिए पार्थ सारथी बिस्वाल, अमर नाथ दत्ता और अन्य लोगों के साथ साजिश रची थी। आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम ने पुलिस उपायुक्त की देखरेख में तीनों आरोपियों को 15 अप्रैल को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि अशोक कुमार पाल चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं, जो रिलायंस पॉवर लिमिटेड के मुख्य वित्त अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं और 2018 से रिलायंस एडीएजी में काम कर रहे हैं। वहीं पार्थ सारथी बिस्वाल 12वीं पास हैं और एक व्यवसायी हैं। वह ओडिशा स्थित कंपनी बिस्वाल ट्रेडलिंक प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर हैं और जाली बैंक गारंटी का इंतजाम करने के लिए बिचौलिए के तौर पर काम कर रहे थे। इसी तरह अमरनाथ दत्ता ने बीसीए और इम्पोर्ट एक्सपोर्ट में डिप्लोमा किया है और इस मामले में बिचौलिए के तौर पर काम कर रहे थे।