तिहाड़ जेल के अधिकारियों की लापरवाही का मामला सामने आया है। अदालत ने जेल संख्या एक में बंद कैदी को छोड़ने का आदेश दिया था लेकिन जेल अधिकारियों ने जेल संख्या आठ-नौ में बंद अन्य कैदी को रिहा कर दिया। जेल प्रशासन का कहना है कि एक ही नाम के दो कैदी एक ही मामले में जेल में बंद होने की वजह से यह गलती हुई है। जांच के आदेश दे दिये गए हैं।
बाद में जेल प्रशासन ने अपनी गलती सुधारते हुए रिहा किये गये कैदी को दोबारा गिरफ्तार कर जेल पहुंचाया और फिर जिस कैदी को रिहाई का आदेश दिया गया था उसे जेल रिहा किया। जेल महानिदेशक संदीप गोयल का कहना है कि एक ही मामले में एक ही नाम के दो कैदी तिहाड़ के अलग अलग जेलों में बंद थे। एक जेल संख्या एक और दूसरा जेल संख्या आठ-नौ में बंद था। इसमें जेल संख्या एक में बंद कैदी को अदालत ने रिहा करने का आदेश दिया था। आदेश की प्रति जब तिहाड़ पहुंची तब यहां गड़बड़ी हुई।
महानिदेशक का कहना है कि गलती का कारण एक ही मामले में एक ही नाम के दो कैदी के होने से हो सकता है। उनका कहना है कि मामले की जांच के आदेश दे दिये गये हैं। रिपोर्ट आने पर दोषी पाये गए कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।