अनधिकृत कॉलोनियों के नक्शेे बनाने का काम सर्वे ऑफ इंडिया, डीडीए और राजस्व विभाग के अधिकारी संयुक्त रूप से कर रहे हैं। इसके लिए सर्वे ऑफ इंडिया से 2015 तक के सेटेलाइट मैप लिए गए हैं।
इन मैप का 2008 में आरडब्ल्यूए की तरफ से दिल्ली सरकार को उपलब्ध कराए गए मैप से मिलान किया जा रहा है। अब तक 40 कॉलोनियों के नक्शे वेबसाइट पर डाल दिए गए हैं।
जल्द ही इनकी संख्या 500 के करीब हो जाएगी। आगे धीरे-धीरे सभी कॉलोनियों का नक्शा अपलोड होगा। जो नक्शा तैयार किया जा रहा है, उसमें किसी भी कॉलोनी का जनवरी, 2015 तक का एक्सटेंशन ही शामिल किया गया है।
इस तरह आगे बढ़ेगी प्रक्रिया
- किसी भी अनधिकृत कॉलोनी में घरों की कटऑफ डेट जनवरी, 2015 तक है। इसके बाद के घर नियम से बाहर हैं।
- वेब पोर्टल पर अपलोड मैप देखकर आरडब्ल्यूए अपनी आपत्ति दर्ज कराएगी।
- मालिकाना हक के लिए 16 दिसंबर से लांच होने वाले पोर्टल पर दस्तावेज अपलोड करने होंगे।
- दावे की जांच के लिए डीडीए की टीम मौके का मुआयना करेगी। सब ठीक होने पर मालिक को कन्विंस डीड मिलेगी।
- इसके बाद राजस्व विभाग में रजिस्ट्री के लिए आवेदन करना होगा। यहां स्टांप ड्यूटी जमा करने पर रजिस्ट्री हो जाएगी।