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एक अगस्त से सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी, महंगी हो जाएगी प्रॉपर्टी

Fri, 01 Jun 2018 11:55 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
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एक अगस्त से सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी है। इससे पहले एक समिति का गठन होगा जो बाजार के सर्वे के आधार पर सर्किल रेट बढ़ाने पर निर्णय लेगी। रजिस्ट्री विभाग की ओर से सर्किल रेट बढ़ने के संकेत दिए गए हैं। अगर सर्किल रेट बढ़ गए तो आशियाना खरीदने में ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ेगी।

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अधिकारियों के मुताबिक 5 जून को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें समिति का गठन होगा। समिति में जिला प्रशासन समेत रजिस्ट्री विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी रहेंगे। बैठक में तीनों तहसीलों के एसडीएम और सब रजिस्ट्रार भी शामिल होंगे। संभावना है कि जून के अंत में रेट बढ़ाने पर निर्णय ले लिया जाएगा। वहीं, एक अगस्त से नए सर्किल रेट को लागू कर दिया जाएगा। समिति के गठन के बाद बाजार का सर्वे होगा।

इसमें यह पता लगाया जाएगा कि कहां-कहां के रेट बाजार मूल्य से कम हैं। उनको बढ़ाने पर विचार होगा। जहां लोगों की संपत्ति खरीदने को लेकर सबसे ज्यादा दिलचस्पी होगी। वहां-वहां भी यह सर्किल रेट बढ़ जाएगा। सर्वे का काम आवासीय, औद्योगिक, व्यावसायिक, संस्थागत, कृषि और आईटी भूखंडों पर होगा। इसमें गांवों की जमीन का भी सर्वे होगा, ताकि यह पता चल सके कि वहां की कीमत वर्तमान में क्या है। बताया जा रहा है कि करीब 10 से 20 प्रतिशत तक विभिन्न श्रेणी में सर्किल रेट बढ़ने की संभावना है।

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बिल्डरों के रजिस्ट्री नहीं कराने से हो रहा नुकसान

रजिस्ट्री विभाग की आय रोजाना होने वाली रजिस्ट्री पर निर्भर है। इसमें जो स्टांप शुल्क मिलता है वही राजस्व प्राप्त होता है, लेकिन बिल्डरों की ओर से बिना रजिस्ट्री के ही फ्लैटों व दुकानों पर कब्जा देने से विभाग को काफी नुकसान हो रहा है। यही नहीं रियल एस्टेट के मंदी में आने से भी री-सेल का बाजार ठंडा है। इस वजह से भी नुकसान हो रहा है।

संपत्ति पंजीकरण की संख्या में लगातार गिरावट
एक अनुमान के मुताबिक , जून 2017 में पंजीकरण की कुल संख्या 27073 थी। जबकि 2016 में कुल पंजीकरण की संख्या 36090 थी। लिहाजा, एक वर्ष में 9017 संपत्तियों का कम पंजीकरण हुआ है। यह भी चिंता का विषय बना हुआ है।

सेक्टरों में अलग-अलग है सर्किल रेट
प्रमुख सेक्टरों के हिसाब से नोएडा में सर्किल रेट की दर निश्चित की गई है। यही नहीं व्यावसायिक के मामले में यह रेट कहीं-कहीं 5 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर से भी ज्यादा है। वहीं आवासीय में यह 1.5 लाख रुपये प्रति वर्गमीटर से आगे निकल चुका है। हालांकि यह अपवाद के तौर पर गिनती के सेक्टरों में है। वर्तमान में आवासीय का उच्च दर एक लाख रुपये प्रति वर्गमीटर से कुछ ज्यादा है। वहीं कई आवासीय सेक्टरों का सर्किल रेट न्यूनतम 40 रुपये प्रति वर्गमीटर तक है।
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श्रेणियों में सेक्टरों को किया गया है विभाजित

सेक्टरों को उच्च से निम्न श्रेणी के आधार पर बांटते हुए ए से ई के बीच बांटा गया है। इसमें ए श्रेणी के आवासीय सेक्टरों का सर्किल रेट सबसे ज्यादा है। जबकि ई श्रेणी का सर्किल रेट सबसे कम है। बीते वर्षों में इन श्रेणियों में रखे गए सेक्टरों को एक दूसरे से बदला गया था। वजह यह कि वहां रेट ज्यादा होने की बात की जा रही थी। श्रेणी में परिवर्तन से रेट कम हो गया। इससे निवेशक आकर्षित हुए थे।

एसके सिंह, एआईजी स्टांप का कहना है कि,  एक अगस्त से मूल्यांकन दर लागू होगा। इसमें सर्किल रेट बढ़ने की संभावना है। जिलाधिकारी के निर्देशन पर एक समिति का गठन करने की योजना है, जो बाजार का सर्वे करेगी। इसके बाद अंतिम तौर पर निर्णय लिया जाएगा।
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