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ई-20 पर केंद्र सरकार घिरी?: केजरीवाल का दावा- ऑटो कंपनियां डर के साए में, 30 करोड़ वाहन हो जाएंगे कबाड़

Wed, 29 Jul 2026 02:21 PM IST
Rahul Kumar Tiwari एएनआई, नई दिल्ली

सार

ई-20 पेट्रोल को लेकर अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि ऑटो कंपनियों को चुप रहने के लिए धमकाया जा रहा है और 2023 से पहले बने करोड़ों वाहनों पर संकट खड़ा हो सकता है। जानिए उन्होंने और क्या कुछ दावे किए।
 
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ई-20 पेट्रोल पर केजरीवाल का बड़ा दावा - फोटो : ANI/अमर उजाला
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विस्तार
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आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ई-20 पेट्रोल को लागू करने के लिए 'गुंडागर्दी' पर उतर आई है। उन्होंने दावा किया कि इस फैसले से वर्ष 2023 से पहले बने करीब 30 करोड़ वाहन कबाड़ बन जाएंगे और केंद्र सरकार ऑटोमोबाइल कंपनियों को चुप रहने के लिए धमका रही है।

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प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित ईंधन नीति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, 'कुछ दिन पहले मैंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर पूछा था कि क्या वर्ष 2023 से पहले बने वाहनों में ई-20 पेट्रोल का इस्तेमाल किया जा सकता है। मैंने यह भी पूछा कि अगर इससे वाहन खराब होते हैं या माइलेज कम होता है तो क्या कंपनियां मुआवजा देंगी। किसी कंपनी ने आधिकारिक जवाब नहीं दिया, लेकिन मैंने नौ कंपनियों के अधिकारियों से बात की।'

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'कंपनियों को मोदी सरकार से मिल रही धमकी'
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि कंपनियां डर के माहौल में काम कर रही हैं। उन्होंने कहा, 'उन्होंने मुझे बताया कि मोदी सरकार उन्हें धमका रही है। उन्होंने माना कि वर्ष 2023 से पहले बने वाहनों में ई-20 पेट्रोल इस्तेमाल करने से इंजन को नुकसान होगा और माइलेज भी घटेगा। लेकिन उन्होंने कहा कि अगर हम यह बात सार्वजनिक रूप से कहेंगे तो हमारा सब कुछ खत्म हो जाएगा। हमारे प्लांट बंद करा दिए जाएंगे या ईडी की रेड पड़ जाएगी। मोदी जी 2023 से पहले बने 30 करोड़ वाहनों को कबाड़ बनाने पर तुले हुए हैं।'

 ई-20 के लिए करेंगे आंदोलन
उन्होंने एथेनॉल के फायदे पर भी सवाल उठाते हुए कहा, 'इससे विदेशी मुद्रा की कोई बचत नहीं होती और भूजल का भी दोहन होता है। आखिर मोदी जी इस पर इतने अड़े क्यों हैं? हमने ई-20 को लेकर एक टाउन हॉल आयोजित करने की योजना बनाई थी, लेकिन संविधान क्लब में पुलिस पहुंच गई और अनुमति रद्द करा दी। इनडोर कार्यक्रमों के लिए पहले कभी अनुमति की जरूरत नहीं पड़ी। मोदी जी, आपको ई-20 का फैसला वापस लेना ही होगा, चाहे सम्मानपूर्वक वापस लें या फिर हम आंदोलन करके इसे वापस करवाएंगे।'

'एफआईआर पर बोला गया झूठ'
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के विरोध प्रदर्शन की चेतावनी पर पूछे गए सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि उनकी पार्टी लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का समर्थन करती है। उन्होंने कहा, 'उन्हें विरोध करना चाहिए, हम उनके समर्थन में हैं। देश के सामने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्रियों ने कहा था कि एफआईआर वापस ली जाएंगी। फिर यह झूठ क्यों बोला गया?'
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दिल्ली में जलभराव और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पर भी उन्होंने सरकार पर निशाना साधा। केजरीवाल ने कहा, 'उन्हें सरकार चलाते हुए दो साल हो गए हैं। हमारे कार्यकाल में हालात कभी इतने खराब नहीं रहे। वे बुनियादी समस्याओं का समाधान करने में भी पूरी तरह विफल रहे हैं।'

लक्ष्मी योजना पर भी उठाए सवाल
'लक्ष्मी योजना' पर टिप्पणी करते हुए केजरीवाल ने कहा कि इस योजना की पात्रता की शर्तें ऐसी रखी गई हैं कि अधिकांश महिलाएं इससे बाहर हो जाएंगी। उन्होंने कहा, 'इस योजना में इतनी शर्तें लगा दी गई हैं कि शायद ही कोई पात्र हो सके। दिल्ली की 1.25 करोड़ महिलाओं में से केवल 17 लाख महिलाओं को ही इसका लाभ मिलेगा। यह सिर्फ एक खोखला वादा है।'
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