फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली हाईकोर्ट का स्कूलों को ट्यूशन फीस नहीं वसूलने का निर्देश देने से इनकार

Tue, 28 Apr 2020 09:41 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली उच्च न्यायालय - फोटो : ANI
विज्ञापन

दिल्ली हाईकोर्ट ने निजी स्कूलों को लॉकडाउन के दौरान ट्यूशन फीस नहीं वसूलने का निर्देश देने से इनकार करते हुए कहा कि ई-शिक्षा देना कोई बच्चों का खेल नहीं है। ऑनलाइन पढ़ाते समय शिक्षकों को असली क्लास रूम से ज्यादा प्रयास करना पड़ता है। कोर्ट ने कहा, इसमें व्यापक व्यवस्था करनी होती है, जिसमें ऑनलाइन प्लेटफार्म तक पहुंच मुहैया कराने के लिए आकस्मिक खर्च होता है। ऐसे में स्कूलों को ट्यूशन फीस नहीं वसूलने का निर्देश देने की मांग करना मूर्खतापूर्ण है। 

विज्ञापन


चीफ जस्टिस डीएन पटेल और जस्टिस सी हरिशंकर की पीठ ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए वकील द्वारा दायर याचिका पर निजी स्कूलों को निर्देश देने से इनकार कर दिया। याचिका में दिल्ली सरकार के 17 अप्रैल के आदेश को रद्द करने या बदलाव करने की मांग की गई थी, जिसमें स्कूलों के फिर से खुलने के उचित समय के बाद ट्यूशन फीस वसूलने की बात कही गई थी।

21 पेज के आदेश में कोर्ट ने कहा, दिल्ली सरकार का आदेश में कई निजी स्कूलों द्वारा ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने को स्वागतयोग्य कदम बताया गया है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि 2020-21 अकादमिक सत्र में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित नहीं हो। हम दिल से इस भावना का सम्मान करते हैं। स्कूलों व शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन क्लासेस लेने के प्रयासों का न्यायिक नोटिस लिया जा सकता है। हालांकि इसकी तुलना नियमित कक्षा में पढ़ाने से नहीं की जा सकती। 
विज्ञापन


स्कूल फीस वसूलने के हकदार 
कोर्ट ने कहा, याचिकाकर्ता वकील की ओर से कहा गया कि चूंकि लॉकडाउन के दौरान स्कूल बंद हैं, ऐसे में ट्यूशन फीस न वसूली जाए। यह मूलभूत रूप से गलत है। जहां तक स्कूल ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं, वे ट्यूशन फीस वसूलने के हकदार हैं। नियमित कक्षा की तुलना में ऑनलाइन शिक्षा प्रदान में करने में शायद ज्यादा खर्च होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें