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लाल किला कार बम विस्फोट: एनआईए को मिली शवों और अवशेषों के सम्मानजनक अंतिम संस्कार की अनुमति

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पटियाला हाउस की विशेष अदालत का आदेश फॉरेंसिक जांच पूरी होने के बाद एनआईए ने मांगी थी अनुमति, अनुपालन रिपोर्ट भी तलब
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत ने सोमवार को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को नवंबर 2025 में लाल किला के निकट हुए कार बम विस्फोट में मारे गए 11 लोगों के अवशेषों तथा आत्मघाती हमलावर डॉ. उमर-उन-नबी के शरीर के अंगों का सम्मानजनक तरीके से अंतिम संस्कार करने या दफनाने की अनुमति दे दी।
विशेष न्यायाधीश पीतांबर दत्त ने आदेश में कहा कि सभी शवों और शरीर के अंगों का निपटारा संबंधित धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप पूरे सम्मान के साथ किया जाए। अदालत ने इस संबंध में एनआईए से अनुपालन रिपोर्ट भी दाखिल करने को कहा है। एनआईए ने अदालत को बताया कि सभी शवों और डॉ. उमर-उन-नबी के शरीर के अंगों से आवश्यक फॉरेंसिक साक्ष्य पहले ही एकत्र किए जा चुके हैं। लंबे समय से सुरक्षित रखे जाने के कारण अवशेष सड़ने लगे थे, इसलिए उनके निपटारे की अनुमति मांगी गई थी। अदालत ने एजेंसी की याचिका स्वीकार कर ली।
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गौरतलब है कि 10 नवंबर 2025 को लाल किला के निकट हुए उच्च क्षमता वाले कार बम विस्फोट में 15 लोगों की मौत हुई थी। जांच एजेंसी के अनुसार, डॉ. उमर-उन-नबी विस्फोटकों से भरी कार चला रहा था और हमले में उसकी भी मौत हो गई थी। उसका संबंध अल फलाह यूनिवर्सिटी से बताया गया है। एनआईए ने इस मामले में 14 मई को करीब 7,500 पृष्ठों की चार्जशीट दाखिल की थी। इसके बाद पिछले महीने तीन अन्य आरोपियों के खिलाफ पूरक चार्जशीट दायर की गई, जिसमें एक फरार बाल रोग विशेषज्ञ (पीडियाट्रिशियन) भी शामिल है। एजेंसी का आरोप है कि वह आतंकी मॉड्यूल का संस्थापक सदस्य है। पूरक चार्जशीट के बाद मामले में आरोपपत्र दाखिल किए गए आरोपियों की कुल संख्या 13 हो गई है, जिसमें डॉ. उमर-उन-नबी भी शामिल है।
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