जांच एजेंसी एनआईए ने दोनों आरोपियों को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कोर्ट में पेश किया। मीडिया को कार्यवाही की कवरेज से दूर रखा गया। आरोपियों को प्रधान सत्र न्यायाधीश अंजू बाजाज चंदना के समक्ष पेश किया गया, जिन्होंने एनआईए की मांग पर शोएब और डॉ. मल्ला को चार दिन की अतिरिक्त हिरासत में भेज दिया।
शोएब की पिछली 10 दिन की हिरासत 5 दिसंबर को दी गई थी, जबकि डॉ. नसीर बिलाल मल्ला की सात दिन की हिरासत 9 दिसंबर को मंजूर की गई । एनआईए के एक प्रवक्ता ने पहले कहा था कि फरीदाबाद के धौज गांव निवासी सोयब ने 10 नवंबर को रेड फोर्ट के बाहर हुंडई आई20 कार में विस्फोट करने वाले मृत आतंकी उमर-उन-नबी को लॉजिस्टिकल सपोर्ट प्रदान किया था। यह विस्फोट 15 लोगों की मौत और कई घायलों का कारण बना था।
डॉ. नसीर बिलाल मल्ला इस मामले में एनआईए द्वारा गिरफ्तार आठवां आरोपी है। वह जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा पकड़े गए 'व्हाइट कॉलर' आतंकी मॉड्यूल से जुड़ा है। एनआईए ने 9 दिसंबर को दिल्ली से उसे गिरफ्तार किया था और मुख्य साजिशकर्ता बताया था। जांच में पता चला है कि मल्ला ने मृत आरोपी उमर-उन-नबी को जानबूझकर आश्रय दिया, लॉजिस्टिकल मदद की और आतंकी हमले से जुड़े सबूतों को नष्ट किया।