- अरबी भाषा में मिली सामग्री के लिए जामिया के विशेषज्ञों से ली जा रही है मदद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पटियाला हाउस कोर्ट स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने लाल किला बम धमाका मामले की जांच पूरी करने के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को 45 दिन का अतिरिक्त समय दिया है। एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों के डिजिटल उपकरणों से बरामद अरबी भाषा की सामग्री की व्याख्या के लिए जामिया मिलिया इस्लामिया के विशेषज्ञों की मदद ली जा रही है। एनआईए के अनुसार, जांच में एक बड़े साजिश नेटवर्क के संकेत मिले हैं, जिसकी जांच अभी जारी है।
एनआईए ने अदालत से आरोपितों की न्यायिक हिरासत बढ़ाने का अनुरोध करते हुए कहा कि उनके डिजिटल डिवाइस से मिले कंटेंट का विस्तृत विश्लेषण और सामना कराना जरूरी है। इस पर विशेष जज प्रशांत शर्मा ने एजेंसी को अतिरिक्त समय दिया और कई आरोपियों की न्यायिक हिरासत भी बढ़ा दी। अब तक इस मामले में एनआईए ने 11 गिरफ्तारियां की हैं।
एनआईए के मुताबिक इस सामग्री में जिहादी विचारधारा को बढ़ावा देने वाले दस्तावेज और घरेलू सामान व रसायनों से बम बनाने की विधि संबंधी सामग्री शामिल है। जांच के दौरान एनआईए ने करीब पांच टीबी डिजिटल डाटा बरामद किया है, जिसमें वीडियो, ऑडियो नमूने, कट्टरपंथी साहित्य और हस्तलिखित नोट्स शामिल हैं। इस डाटा को भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम , सीएफएसएल में फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है।
एजेंसी ने कोर्ट को बताया कि जम्मू-कश्मीर के नौ अलग-अलग ठिकानों पर छापे मारे गए, जिसमें कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए हैं। इनकी फॉरेंसिक जांच जारी है। जांच में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कई व्हाट्सएप ग्रुप्स के सदस्य थे, जिनके माध्यम से कट्टरपंथी विचारधारा का प्रचार-प्रसार किया जा रहा था। एनआईए इंटरसेप्शन के जरिए इन ग्रुप्स से जुड़े अन्य संदिग्ध सदस्यों और हैंडलर्स की पहचान करने की प्रक्रिया तेज कर रही है।