लोकसभा चुनावों के तीसरे चरण में दिल्ली-एनसीआर के वोटरों ने जबरदस्त उत्साह का प्रदर्शन किया। इस चरण में दिल्ली और गुड़गांव दोनों में रिकॉर्ड तोड़ वोटिंग हुई।
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गुरुवार को दिनभर हर पोलिंग बूथ वोटरों की हलचल रही और लगभग हर सीट पर रिकॉर्ड मतदान हुआ। दिल्ली एनसीआर की 11 सीटों पर वोटिंग के आंकड़ों ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
कुछ इलाकों में छिटपुट घटनाओं के अलावा पहर जगह मतदान शांतिपूर्ण ही रहा। आगे की स्लाइड में पढ़िए एनसीआर के चुनावी आंकड़े।
दिल्ली में बंपर वोटिंग से धमाल
दिल्ली की सात संसदीय सीटों के लिए बृहस्पतिवार को हुए मतदान में जमकर वोट बरसे। 30 साल बाद 64.77 फीसदी मतदान का रिकार्ड बना।
इस चुनाव में पहली बार वोटिंग के लिए दो घंटे अतिरिक्त समय दिया गया, जिसका दिल्ली वालों ने जमकर फायदा उठाया। छिटपुट घटनाओं को छोड़ मतदान पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा।
दिल्ली की सात सीटों के लिए कुल 150 उम्मीदवार मैदान में हैं। पहली बार एक घंटा पहले सुबह सात बजे दिल्ली के 11 हजार 763 पोलिंग स्टेशनों पर मतदान शुरू हो गया। शाम छह बजे तक 64.77 फीसदी वोट पड़े।
इस बार अव्वल रहा गुड़गांव
गुड़गांव में भी लोकतंत्र के महापर्व का उत्साह दिन भर चरम पर रहा। 18,44,906 मतदाताओं वाले गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र में 12,86,978 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
जिला प्रशासन ने 70.3 प्रतिशत मतदान होने की जानकारी दी है। यह एनसीआर में सबसे अधिक है। युवा, बुजुर्ग और महिलाएं सभी सुबह पौने सात बजे से ही मतों के लिए कतार में खड़े रहे। पहली बार वोट करने वाले भी उमंग में दिखे।
मेवात क्षेत्र में मारपीट की घटनाओं को छोड़ कर मतदान प्रक्रिया सुचारू रही। मतदान प्रतिशत के मामले में 30 वर्षों का रिकार्ड टूटा। उधर, मतदान से पहले एक पोलिंग अधिकारी की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई।चुनाव के दौरान प्रत्याशियों के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चला।
फरीदाबाद के वोटर भी लाजवाब
फरीदाबाद लोकसभा चुनाव के मैदान में खड़े 27 प्रत्याशियों की किस्मत भी ईवीएम में कैद हो गई। वोटिंग खत्म होने के बाद जिला प्रशासन ने 63 फीसदी मतदान की पुष्टि की। पोलिंग पार्टियों ने कड़ी सुरक्षा के बीच ईवीएम जमा करवा दी।
वोटिंग प्रक्रिया सुबह सात बजे से शुरू हुई, लेकिन लोग सुबह छह बजे से ही बूथों के बाहर आकर खडे़ हो गए थे। पोलिंग पार्टियों ने करीब छह बजे बूथों के बाहर अपने-अपने टेंट लगा दिए थे।
चुनाव आयोग की तरफ वोटर कार्ड के साथ पर्ची को अनिवार्य किया गया था। सभी बूथों के बाहर सुबह से ही पुलिस व होमगार्ड तैनात रहे।
गाजियाबाद में भी चली वोटिंग की लहर
चुनावी अधिसूचना के पहले से ही हॉट बनी गाजियाबाद लोकसभा सीट में भी जबरदस्त मतदान हुआ। इस सीट पर लगभग 50 साल बाद 59.8 प्रतिशत मतदान हुआ।
सुबह से शाम तक मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की भीड़ जुटी रही। दोपहर में कड़ी धूप भी वोटरों का हौसला नहीं डिगा पाई और लगभग हर घंटे वोटिंग प्रतिशत बढ़ता ही गया।
हालांकि मतदान के आखिरी घंटों में थोड़ी निराशा हुई और वोटरों की रफ्तार धीमी हो गई। यही वजह रही कि इस सीट पर मतदान 60 फीसदी का आंकड़ा नहीं छू सका।
गौतमबुद्घ नगर लोकसभा सीट पर इस बार वोटरों ने दिल खोलकर मतदान किया। इसका पुख्ता सबूत यह है कि इस बार शहर में मतदाताओं की संख्या करीब एक लाख बढ़ी है।
हालांकि, गौतमबुद्ध नगर सीट की नोएडा विधानसभा में इस बार भी सबसे कम मत प्रतिशत 55.34 रहा। फिर भी पिछले विधानसभा और पिछले लोकसभा के मुकाबले शहर का मतदाता जमकर घरों से निकला और अपने वोट डाले।
एसडीएम दादरी राजेश यादव ने बताया कि चुनाव आयोग और प्रशासन का चलाया गया अभियान रंग लाग और नोएडा में मत प्रतिशत अच्छा बढ़ा है।