फरीदाबाद के बिजली निगम के सेक्टर-25 कार्यालय में सोमवार को जले रिकॉर्ड के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को इस संबंध में स्थानीय अधिकारी और प्रबंधन आमने-सामने आ गए। आला अधिकारियों ने स्थानीय अधिकारियों से रिकॉर्ड जलाने के बारे में जानकारी मांगी।
शुरुआत में तो अधिकारी ऐसी बात होने से ही मुकर गए। जब अधिकारियों ने कड़े शब्दों में मामले पर स्पष्टीकरण मांगा तो स्थानीय अधिकारियों ने पुराना रिकॉर्ड जलाया है, कहकर अपना पक्ष रखा। रिकॉर्ड जलाने के मामले ने अधिक तूल इसलिए भी पकड़ा क्योंकि वर्तमान में कई स्थानीय अधिकारियों पर पिलर बॉक्स एवं बिजली बिल घोटाले की जांच चल रही है। इसमें सेक्टर-25 के अधिकारियों के नाम भी शामिल हैं। जिन पर जांच हो रही है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जांच संबंधित अभी ऐसा काफी रिकॉर्ड है जो बिजली निगम के अलग-अलग कार्यालयों में रखा गया है। जो रिकॉर्ड जलाया गया वो बहुत अधिक था, जलाने के तुरंत बाद राख नहर में फेंक दी गई। जिस कारण इस कार्रवाई पर सवालिया निशान लग गया है। फिलहाल मुख्यालय के आला अधिकारियों ने सारे रिकॉर्ड की एक रिपोर्ट मांगी है।
गौरतलब है कि करीब एक माह पूर्व ईदगाह स्थित कार्यालय में कंप्यूटर सिस्टम जल गया था। जिस कारण बिजली निगम कैश एवं चेक घोटाले से संबंधित काफी जानकारी नहीं मिली। इस जानकारी को अभी भी रिकवर करने का प्रयास किया जा रहा है।
बिजली कर्मचारी यूनियन के सर्कल सचिव लज्जाराम का कहना है कि बिना कमेटी गठित किए बिजली निगम का कोई भी रिकार्ड जलाया नहीं जा सकता। एसई मुकेश गुप्ता ने बताया कि मुख्यालय ने कागज जलाने संबंधी जो जानकारी मांगी है उसे मुहैया करवाया जाएगा।