कर्नल देवेंद्र सहरावत और अनिल वाजपेयी
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विधानसभा की सदस्यता रद्द किए जाने का नोटिस पा चुके आम आदमी पार्टी के बागी विधायक कर्नल देवेंद्र सहरावत और अनिल वाजपेयी ने अब स्पीकर रामनिवास गोयल के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है। दोनों ने स्पीकर पर आप में सक्रिय होने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष सुनवाई नहीं करने का तर्क रखते हुए मामला किसी तीसरे पक्ष को सौंपने का आग्रह किया है।
विधायक अनिल वाजपेयी ने याचिका में कहा कि आप के सौरभ भारद्वाज ने मात्र समाचार पत्रों को उनके भाजपा में शामिल होने का आधार बनाते हुए दलबदल कानून के तहत उनके खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष याचिका दायर की है। बिना तथ्यों की जांच किए अध्यक्ष ने भी उनको नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया। इतना ही नहीं, उचित दस्तावेज मांगने के बावजूद उनको समय तक नहीं दिया और सुनवाई जारी रखी। अधिवक्ता नीरज कुमार के जरिये दायर याचिका में उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष आप की गतिविधियों में भाग लेते हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने आप प्रत्याशी आतिशी सहित कई प्रत्याशियों का प्रचार किया था। इसके अलावा, आप के भारत बंद के आह्वान पर राजघाट पर धरने में भी वे शामिल हुए थे।
उन्होंने कहा कि इससे स्पष्ट है कि उनके मामले में अध्यक्ष निष्पक्ष सुनवाई नहीं करेंगे, बल्कि उनका प्रयास आप को लाभ पहुंचाने का रहेगा। ऐसे में उनकी सदस्यता रद्द करने के मामले की सुनवाई के लिए एक कमेटी का गठन करने का निर्देश दिया जाए, ताकि निष्पक्ष सुनवाई हो सके। इस कमेटी से अध्यक्ष को अलग रखा जाए। याचिका पर सोमवार को सुनवाई संभव है। दरअसल, पिछले दिनों सहरावत ने अध्यक्ष द्वारा जारी नोटिस को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा था कि पहले इस मामले पर विधानसभा अध्यक्ष को फैसला लेने दिया जाए। इसके बाद दोनों ने अध्यक्ष के समक्ष जवाब तो दाखिल कर दिया लेकिन व्यक्तिगत रूप से पेश नहीं हुए।