दिल्ली में राशन, सब्जी, दूध, दवा समेत दूसरी जरूरी सेवाओं से जुड़ी दुकानें और फैक्टिरयां लॉक डाउन के दौरान 24 घंटे तक खोली जा सकती हैं। इसके लिए संचालकों को सरकार से कोई लाइसेंस नहीं लेना पड़ा। बृहस्पतिवार को उपराज्यपाल अनिल बैजल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक में यह फैसला लिया गया। इस मौके पर ई-कॉमर्स कंपनियों को भी आवश्यक वस्तुओं की होम डिलीवरी की इजाजत दे दी गई है। कंपनियों के आईकार्ड लॉकडाउन में मान्य होंगे। इसके आदेश भी दिल्ली पुलिस को दे दिए गए हैं।
उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बैठक के बाद बताया कि लोगों को आवश्यक सेवाएं शीघ्र मिल सके, इसके लिए सरकार ने ऑनलाइन सेवाएं उपलब्ध कराने वाले लोगों को अनुमति दी है। पुलिस को भी सहयोग करने की हिदायत दे दी गई है। आवश्यक वस्तुएं जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंच रही हैं या नहीं, इसके लिए सरकार ने सभी डीएम, डीसीपी, एसडीएम और एससीपी को वीडियो कांफ्रेंसिंग कर स्पष्ट कहा कि यह सुनिश्चित करना उनकी ड्यूटी है कि दुकानें खुली रहें और वह दुकानें आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई कर रही हों। उपराज्यपाल ने बताया कि दिन में अधिक भीड़ न हो, इसलिए लोग 24 घंटे दुकानें खोल सकते हैं। हालांकि, यह दुकानदार की मर्जी पर निर्भर है।
दिल्ली में हालात नियंत्रण में, सिर्फ जरूरी सामान लेने ही घर से निकलें
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अभी तक दिल्ली में 36 मामले हैं। पिछले एक दिन में एक केस और बढ़ा है। बुधवार तक दिल्ली में कुल 35 केस थे। इन 36 केस में से 26 केस विदेशों से आए लोगों के हैं और उन 26 लोगों की वजह से 10 और लोगों को हुआ है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार और आप सब लोगों ने मिलकर इसे अब तक नियंत्रित किया है, लेकिन अभी अपनी पीठ थपथपाने का समय नहीं है। आने वाले समय में इसे और नियंत्रित करने का समय है।
केजरीवाल ने बताया कि दूसरे देशों का अनुभव बताता है कि जब यह फैलता है तो बहुत तेजी से फैलता है। लॉकडाउन के बाद अब ज्यादातर लोग अपने घरों में रहने लगे हैं, लेकिन कुछ लोग अभी भी सड़कों पर हैं। केजरीवाल ने अपील की है कि सभी लोग अपने घरों में ही रहें। जब तक बहुत ज्यादा जरूरी ना हो घरों से बाहर न निकलें।
आवश्यक वस्तुएं लेकर जाने वाले लोगों को पुलिस न रोके
सीएम ने बताया कि बृहस्पतिवार को दिल्ली के सभी डीएम, डीसीपी और पुलिस कमिश्नर के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग की गई। बैठक में तय किया गया है कि हर एसडीएम और एसीपी की यह सुनिश्चित करने की व्यक्तिगत ड्यूटी होगी कि उनके इलाके में सब्जी, किराना, राशन और दवा की दुकानें खुलें और उनमें पूर्ण मात्रा में सामान हो। इसी तरह उनके इलाके में जितनी भी दवाइयां बनाने की फैक्ट्रियां और बेयर हाउसेज हैं, उन्हें भी खुलवाने और उनमें सामान होने की जिम्मेदारी एसडीएम और एसीपी की होगी। सभी पुलिसकर्मियों से कहा गया है कि जब सड़क पर कोई दूध वाला दूध लेकर जा रहा है और उसके पास पहचान पत्र नहीं है तो उसे जाने की अनुमति दे दी जाए।
मोहल्ला क्लीनिक नहीं होंगे बंद
मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली सरकार के मोहल्ला क्लीनिक के एक डॉक्टर, उनकी पत्नी और बेटी कोरोना संक्रमित हैं। यह हमारे लिए दुख की बात है, लेकिन यह गलतफहमी फैल रही है कि सभी मोहल्ला क्लीनिक बंद किए जा रहे हैं। केजरीवाल ने साफ किया कि कोई भी मोहल्ला क्लीनिक बंद नहीं होगा। यदि यह बंद कर दिए तो लोगों को दूर-दूर बड़े अस्पतालों में जाना पड़ेगा। मोहल्ला क्लीनिक खुलेंगे, लेकिन हम वहां पर पूरी ऐहतियात बरतेंगे। डॉक्टर खुद भी और मरीजों से भी ऐहतियात बरतने के लिए कहेंगे।