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रतन टाटा ने बताया कैसे हिट हो सकता है 'सम-विषम फॉर्मूला'

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जाने माने उद्योगपति रतन टाटा ने सोमवार को कहा कि कई दूसरे देशों में सम-विषम फॉर्मूला एक हद तक कामयाब रहा है लेकिन इसके लिए यहां बुनियादी ढांचे के समर्थन की जरूरत ज्यादा है ताकि यात्रियों के लिए आना जाना आरामदायक बनाया जा सके।
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दिल्ली में 15 जनवरी तक लागू सम-विषम फॉर्मूले के गुण-दोषों पर टिप्पणी करने से उन्होंने यह कहते हुए इनकार कर दिया कि वह इस विषय पर टिप्पणी करने लायक ‘योग्य व्यक्ति’ नहीं हैं।

उन्होंने कहा, ‘कुछ देशों में सम-विषम लाइसेंस प्लेट के फॉर्मूले को अपनाने का प्रयास किया गया है। कुछ हद तक यह कामयाब हुआ। इसलिए मैं इसे खारिज करने में जल्दबाजी नहीं करता.. हो सकता है यहां बुनियादी ढांचे (परिवहन व्यवस्था) की जरूरत ज्यादा हो ताकि दूसरे व्यक्ति इसे अराम से अपना सकें।’
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दिल्ली सरकार ने लागू किया है फॉर्मूला

मालूम हो कि दिल्ली सरकार ने पहली जनवरी से शहर के प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए सम-विषम फॉर्मूला लागू किया था। पिछले हफ्ते दिल्ली हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार से पूछा था कि क्यों न इस प्रयोग को एक पखवाड़े की जगह एक सप्ताह के लिए सीमित कर दिया जाए।

हाईकोर्ट में कुछ लोगों ने याचिका दायर कर इस फॉर्मूले से होने वाली कठिनाइयों पर सवाल उठाए थे। हाईकोर्ट ने सोमवार को इस प्रयोग को 15 जनवरी तक लागू रखने की अनुमति दे दी है। साथ ही दिल्ली सरकार ने भी स्पष्ट किया है कि इस प्रयोग को 15 जनवरी से आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

सड़क पर कम हो गई पुलिस और वॉलेंटियर्स की मुस्तैदी

सम-विषम फॉर्मूले पर वॉलेंटियर्स की चुस्ती देखने सोमवार को अतिरिक्त टीम सड़क पर उतरी। फिर भी कई सड़कों पर सोमवार को ट्रैफिक धीमा रहा।

सम विषम के शुरुआती दिनों में सड़कों पर जो राहत मिली थी वह समय बीतने के साथ खत्म होती जा रही है। सरकार ने भी इस बात को स्वीकार करते हुए कुछ सड़कों पर टीमें तैनात कीं मगर ज्यादा राहत नहीं मिल पाई।

सोमवार को कुल 753 लोगों का चालान किया गया। सोमवार को विकास मार्ग, ग्यारह मूर्ति से धौला कुंआ, सराय कांले खां, आश्रम और एनएच-24 पर पीक आवर्स में ट्रैफिक स्लो रहा।
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ट्रैफिक रहा जाम

शाम के वक्त भी कई सड़कों पर अचानक से ट्रैफिक हैवी हो गया। इसमें आईटीओ भी शामिल है। पीक आवर्स में स्लो ट्रैफिक को लेकर आ रही शिकायतों के मद्देनजर सोमवार को परिवहन मंत्री भी जायजा लेने के लिए सड़क पर उतरे थे। हालांकि उन्हें कुछ खास नहीं दिखा।

सोमवार को वॉलेंटियर्स सड़कों पर नजर तो आए, लेकिन वह पहले जैसे चुस्त नहीं थे। दस बजे के बाद वह सड़क के किनारे आराम फरमाते नजर आए।

ट्रैफिक पुलिस भी अब शुरुआती दिनों जितनी मुस्तैद नहीं दिख रही है। हालांकि अब सम विषम योजना के केवल चार दिन और बचे हैं।
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