शाहबेरी मामले में कार्रवाई के तहत चिह्नित 30 बिल्डरों पर रासुका लगेगी। यही नहीं उनकी चल-अचल संपत्ति भी जब्त होगी। चिह्नित बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराते हुए गैंगस्टर एक्ट लगाया जाएगा। जिलाधिकारी बीएन सिंह की अध्यक्षता में जिला प्रशासन और ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में यह फैसला लिया गया।
दरअसल, शाहबेरी में इमारत जमींदोज होने के बाद पिछले पांच वर्ष में उक्त क्षेत्र में अवैध तरीके से पांच या इससे अधिक फ्लैट बेचने वाले 30 बिल्डरों को चिह्नित किया गया था। इनमें से 13 के खिलाफ पहले ही केस दर्ज किया जा चुका है। अधिकारियों की मानें तो पूरे जिले में इस तरह की कवायद की जा सकती है।
मंगलवार को कैंप कार्यालय में हुई बैठक में जिलाधिकारी बीएन सिंह, एसएसपी वैभव कृष्ण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ केके गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) दिवाकर सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण रणविजय सिंह तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
शाहबेरी प्रकरण में जिला मजिस्ट्रेट बीएन सिंह के निर्देश पर स्टांप विभाग ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट से इस तरह की धोखाधड़ी का पता चला है। इस संबंध में एसएसपी ने बताया कि 13 केस में विगत वर्ष एफआईआर दर्ज कराते हुए गैंगस्टर एक्ट लगाया जा चुका है।
एक सप्ताह में होगी कार्रवाई
जिलाधिकारी ने यह निर्देश दिया कि बचे हुए बिल्डरों के खिलाफ एक सप्ताह के अंदर ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारी एफआईआर दर्ज कराएं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इन बिल्डरों की बाहर के जिलों में चल-अचल संपत्ति को 14ए में अटैच कराने के उद्देश्य से अन्य जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजा जाएगा।
भवनों की गुणवत्ता की होगी जांच
ग्रेटर नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि शाहबेरी में सभी बिल्डिंगों की एक महत्वपूर्ण एजेंसी से गुणवत्ता संबंधी जांच कराई जाएगी, जिसमें जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा। जांच के बाद प्राधिकरण इन भवनों के बारे में निर्णय लेगा। जिलाधिकारी ने प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि जिन बिल्डिंगों में धारा-10 का नोटिस दिया गया है उस प्रक्रिया को अंतिम मुकाम तक ले जाकर उन निर्णयों से अवगत कराएं। प्रशासन इसमें सहयोग करते हुए कार्रवाई करेगा।
फ्लैट खरीदारों से भी होगी बातचीत
जिलाधिकारी ने प्राधिकरण के अधिकारियों से कहा कि अलग-अलग फेज में शाहबेरी के फ्लैट खरीदारों को बुलाकर उनकी स्थिति की जानकारी ली जाए। यही नहीं खरीदारों को प्राधिकरण की ओर से की जाने वाली कार्रवाई से भी अवगत कराना होगा। जिलाधिकारी ने कहा कि यहां अवैध इमारतें बनाई गईं और फ्लैट बेचे गए। बिल्डरों की वजह से यहां व्यापक स्तर पर माहौल बिगड़ रहा है। लिहाजा उन पर रासुका लगानी होगी।