निवेशकों को आकर्षित करने के लिए जीडीए ने यह विशेष विकास क्षेत्र तय किया है। आने वाले समय में दुहाई और इसके आसपास का क्षेत्र ऐसा होगा जहां क्षेत्र की सबसे बेहतर तीन कनेक्टिविटी मिलेगी। दिल्ली-मेरठ हाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के अलावा यहां रैपिडेक्स रेल का डिपो भी तैयार हो चुका है। इसके अलावा नार्दन पेरिफेरल रोड और राजनगर एक्सटेंशन होते हुए मेरठ रोड को एलिवेटेड रोड से जोड़ने वाली सर्कुलर रोड भी इसी क्षेत्र में बनाई जाएगी।
दूसरी ओर, रैपिडेक्स ट्रेनों से रात के वक्त माल ढुलाई भी शुरू किए जाने पर मंथन किया जा रहा है। ऐसे में इस क्षेत्र के न केवल निवासियों को आवागमन में सहूलियत होगी, बल्कि बड़ी कंपनियां अपने वेयरहाउस भी यहां बना सकती हैं। इसी वजह से जीडीए ने यहां स्पेशल डेवलपमेंट क्षेत्र घोषित किया है। शुरुआती दौर में जीडीए ने मास्टर प्लान-2031 में 250 एकड़ का क्षेत्र चयनित किया था, जीडीए के अधिकारियों का कहना है कि अब इसे बढ़ाकर 500 एकड़ कर दिया गया है।
एनसीआरटीसी का प्लानिंग विभाग बनाएगा जोनल प्लान
जीडीए के नगर नियोजक राजीव रतन का कहना है कि 500 एकड़ में घोषित किए गए विशेष विकास क्षेत्र का जोनल प्लान बनाने का काम भी शुरू कर दिया गया है। इसके लिए एनसीआरटीसी (नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन) के नियोजन अनुभाग के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए सर्वे भी शुरू कर दिया गया है। दुहाई डिपो के आसपास चिह्नित किए गए क्षेत्र में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, वेयरहाउस आदि श्रेणी के लिए कितने फीसदी जमीन तय की जाएगी, यह भी जोनल प्लान में तय हो जाएगा। इसके अनुसार उसका भू-उपयोग भी तय दिया जाएगा, ताकि निवेशक इन क्षेत्रों में जमीन खरीदकर निवेश कर सके।
रैपिडेक्स रेल के दुहाई डिपो के पास विशेष विकास जोन को घोषित करने के बाद अब जोनल प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। जीडीए के टाउन प्लानिंग अनुभाग की ओर से जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। इस क्षेत्र में अलग-अलग पॉकेट में आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक गतिविधियां संचालित हो सकेंगी। -राकेश कुमार सिंह, जीडीए उपाध्यक्ष