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नए रूट पर तीन लाख से अधिक लोगों को रैपिड मेट्रो का फायदा मिलेगा

Sat, 01 Apr 2017 03:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गुरुग्राम
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gurgaon
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साइबर सिटी में रैपिड मेट्रो के दूसरे फेज से सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की तस्वीर बदल जाएगी। लोगों को यातायात के नए साधन मिलने के साथ प्रदूषण से लड़ने में भी मदद मिलेगी।
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दूसरे फेज के करीब 6.6 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर रैपिड मेट्रो दौड़ने से कई इलाकों के लोगों को फायदा होगा। इस रूट पर तीन लाख से अधिक लोगों को इसका फायदा मिलेगा। रूट पर चलने वाले करीब 60 हजार निजी वाहन चालकों को भी रैपिड मेट्रो कम खर्च में एक विकल्प मिलेगा। यह व्यवस्था दूसरे प्रदेशों और शहरों के लिए मिसाल बनेगी।

पहले फेज-1 से फेज-2 के बीच 11.7 किलोमीटर के बीच 11 स्टेशन हैं। दूसरे फेज में पांच स्टेशन हैं। फेज-1 मेट्रो स्टेशन से डीएलएफ फेज-1 और गलेरिया मार्केट की कनेक्टिविटी बढ़ेगी।
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सेक्टर-42-43 स्टेशन से डीएलएफ फेज-5, व्यापार केंद्र, सुपर मार्केट, पारस अस्पताल, सेक्टर-53-54 स्टेशन से साउथ प्वाइंट मॉल, पार्श्व नाथ एक्जोटिका, जेनपैक्ट, सेक्टर-54 चौक से सनसिटी, जलवायु विहार, वाटिका टावर, एआईटी यूनिवर्सिटी समेत आसपास के लोगों को फायदा होगा, जबकि सेक्टर-55-56 स्टेशन से सेक्टर-58, सेक्टर-61, सुशांत लोक, सेक्टर-55, सेक्टर-56 और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड के लोगों तक पहुंचेगी। इस रूट पर कई कॉरपोरेट कंपनियों के दफ्तर हैं।

अभी तक इस रूट पर सार्वजनिक परिवहन की व्यवस्था नहीं होने से लोग अपनी गाड़ी का इस्तेमाल करते थे। सब्जी लाने से लेकर दिल्ली, नोएडा या दफ्तर जाने के लिए निजी वाहन ले जाते थे। एक अनुमान के मुताबिक, इन रिहायशी और कमर्शियल क्षेत्रों में हर दिन 60 हजार से अधिक गाड़ियां चलती हैं। रैपिड मेट्रो से अब दफ्तरों में काम करने वालों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं रिहायशी क्षेत्रों के भी हजारों लोगों का सफर सुहाना होगा। सीधे मेट्रो से जुड़ने के कारण निजी वाहन का इस्तेमाल कम होगा।

वहीं रैपिड मेट्रो स्टेशनों का निर्माण इस प्रकार से किया गया है कि अधिकतर रिहायशी इलाके और कॉरपोरेट दफ्तरों तक लोगों की पहुंच हो जाए। रैपिड मेट्रो के सीईओ राजीव बंगा ने कहा कि सार्वजनिक परिवहन की दृष्टि से यह सेवा काफी क्रांतिकारी साबित होने वाली है। लोगों के घरों से रैपिड मेट्रो तक जोड़ने के लिए एक फ्री शटल की व्यवस्था की जा रही है। हर्वा बीपीओ के सीईओ अजय चतुर्वेदी ने कहा कि आईटी-बीपीएम कंपनियों में काम करने वालों को काफी लाभ होगा। अब उन्हें अपने वाहन लेकर आने की जरूरत नहीं होगी।

प्रदूषण में भी आएगी कमी
रैपिड मेट्रो का दावा है कि इससे प्रदूषण में कमी आएगी। पर्यावरणविद भी मानते हैं कि यदि रैपिड मेट्रो की वजह से लोग निजी वाहन का इस्तेमाल कम करते हैं, तो पर्यावरण को दो फायदे होंगे। पर्यावरण वैज्ञानिक डॉ. राजेंद्र कहते हैं कि निजी वाहनों से धुआं निकलता है। इससे पर्यावरण पर नकारात्मक असर पड़ता है। तापमान में बढ़ोतरी होती है। रैपिड मेट्रो के अधिक इस्तेमाल से प्रदूषण को कम करने और गाड़ियों से निकलने वाली उष्मा को कम किया जा सकेगा।

घट जाएगी कंपनियों की कैब
गुरुग्राम के आईटी-बीपीओ कंपनियों में करीब 25 हजार कैब चलती हैं। यह 24 घंटे में कई चक्कर शहर में लगाती हैं, जिसके कारण जाम की स्थिति पैदा होती है। वहीं कंपनियों द्वारा 40 फीसदी सिर्फ कैब सेवा पर ही खर्च किया जाता है। अब वह अपने यहां चलने वाली कैब की संख्या को घटाने को प्रोत्साहित करेंगे। एक आईटी कंपनी के अधिकारी ने कहा कि निश्चित रूप से कैब की संख्या घटाने को कंपनियां प्रोत्साहित होंगी।
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