डीएमआरसी मेट्रो भी अब रैपिड मेट्रो की तर्ज पर चलेगी। देश की पहली प्राइवेट मेट्रो रैपिड मेट्रो ट्रेन के बाहरी भाग पर भरपूर विज्ञापन दिखाई देते हैं। अब ठीक उसी तरह से डीएमआरसी मेट्रो भी रंग-बिरंगी नजर आएगी। क्योंकि डीएमआरसी ने ट्रेन के बाहरी भाग विज्ञापन की इजाजत दे दी है।
डीएमआरसी पहली बार अपने ट्रेन पर विज्ञापन की इजाजत दी है। इसके माध्यम से वह पहली बार नॉन कॉमर्शियल राजस्व एकत्र करने का प्रयास करेगी। कोई भी कपंनी अपने प्रोडक्ट का प्रचार मेट्रो ट्रेन के माध्यम से कर सकता है।
यह प्रचार पिक्चर, प्रिंट मैटेरियल, स्मार्ट पोस्टर, होलोग्राफिक इमेज और विजुअल डिसप्ले के माध्यम से हो सकता है। डीएमआरसी प्रवक्ता के अनुसार ट्रेन के बाहरी 10 प्रतिशत भाग को ही विज्ञापन की दृष्टि से ढकने की अनुमति होगी। जबकि रैपिड मेट्रो की पूरी ट्रेन को प्रचार के लिए रैप करने की अनुमति है।
डीएमआरसी के सभी मेट्रो नेटवर्क पर विज्ञापन और प्रचार की अनुमति प्रदान की गई है। डीएमआरसी की ओर से 200 ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। इसमें से 60 आठ कोच की हैं। 80 ट्रेनें छह कोच की हैं। विज्ञापन से संबंधित अधिकार दो एजेंसियों को 10 वर्षों के लिए दिया गया है। चुनी गई एजेंसियों को वार्षिक वार्षिक स्तर पर लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा।