नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के फरार आरोपी के खिलाफ 26 वर्ष बाद दोबारा मुकदमा चलेगा। आरोपी जमानत मिलने के बाद फरार हो गया था और पुलिस ने उसे 6 जनवरी को गिरफ्तार किया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार वर्ष 1988 को 14 वर्षीय पीड़िता के माता-पिता ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनकी पुत्री 22 नवंबर 1988 से लापता है। उन्होंने 20 वर्षीय सुरेश पर अपहरण का संदेह जताया था।
पुलिस ने सुरेश के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर 26 नवंबर को उसे गिरफ्तार कर नाबालिग को मुक्त करवा लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ अपहरण के अलावा दुष्कर्म का भी मामला दर्ज किया था।
आरोपी जमानत मिलने पर फरार हो गया। अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। आरके पुरम थाना पुलिस ने पांडव नगर निवासी 46 वर्षीय आरोपी को 6 जनवरी को गिरफ्तार कर अदालत के समक्ष पेश किया जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरिता बीरबल ने 26 वर्ष पुराने मामले को दोबारा शुरू करने का निर्देश देते हुए सुनवाई तिथि 12 जनवरी तय की है।