अदालत ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म के मामले में जोधपुर के एक डॉक्टर को बरी कर दिया है। दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला ने कोर्ट में कहा कि उन दोनों के बीच शारीरिक संबंध सहमतिपूर्ण थे। पीड़िता व आरोपी की मुलाकात एक मेट्रिमोनियल साइट के जरिये हुई थी।
तीस हजारी अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार ने फैसले में कहा कि पीड़िता के बयान में आरोपी के खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य सामने नहीं आए हैं। ऐसे में मुकदमा चलाने का कोई मकसद नहीं है।
पुलिस ने महिला की शिकायत पर जुलाई 2016 में डॉक्टर के खिलाफ दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया था। पीड़िता का आरोप था कि आरोपी ने उससे शादी करने का प्रस्ताव दिया और उससे दिल्ली में मुलाकात की।
यह दोनों जून 2016 में मिले और पहाडग़ंज के एक होटल में गए। होटल में शराब पीकर डॉक्टर ने जबरन शारीरिक संबंध बनाए। बाद में आरोपी ने शादी करने से इंकार कर दिया।