रामजस कॉलेज विवाद मामले में कार्रवाई रिपोर्ट पेश नहीं करने के कारण दिल्ली पुलिस को अदालत की नाराजगी का सामना करना पड़ा। अदालत ने पुलिस को फटकार लगाते हुए संयुक्त आयुक्त को इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
तीस हजारी स्थित महानगर दंडाधिकारी अभिलाष मल्होत्रा ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुये संयुक्त आयुक्त को तीन अगस्त को विस्तृत रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट से जांच पूरी करने के लिए समय मांगा। कोर्ट ने इस पर कड़ी नाराजगी जाहिर की। शिकायतकर्ता विवेक गर्ग ने पुलिस के रवैये का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस इस मामले को पिछले चार-पांच महीने से लटका रही है।
पुलिस को इस मामले में जांच समिति बनाने का अधिकार नहीं है। बता दें कि तीन जुलाई को सीएमएम कोर्ट ने केस ट्रांसफर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने अर्जी अदालत ने खारिज कर दी थी।
रामजस कॉलेज में 21 फरवरी को एबीवीपी के छात्रों ने जेएनयू के छात्र उमर खालिद के खिलाफ नारेबाजी की थी। छात्र एक कार्यक्रम में उमर खालिद व शेहला राशिद को बुलाने का विरोध कर रहे थे।
इन छात्रों ने पत्थरबाजी की थी और कार्यक्रम स्थल को उजाड़ दिया था। अगले दिन एबीवीपी व वामपंथी संगठनों के छात्रों के बीच हिंसक झड़प हुई थी।