अध्योया में राम मंदिर बनाने में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए शुक्रवार को दिल्ली की प्राचीन सिद्धपीठ श्रीकालकाजी मंदिर स्थित महंत निवास परिसर में सुन्नी समुदाय के प्रतिनिधियों और साधु संतों के बीच बैठक हुई।
इस दौरान सुन्नी समुदाय के प्रतिनिधियों ने अध्योया में राम मंदिर का निर्माण करने का समर्थन किया। उन्होंने ऐलान किया अध्योया में राम मंदिर बनाने में उन्हें कोई आपत्ति नहीं है।
महंत निवास परिसर में आगरा स्थित माफी दरगाह नबी करीम बोदला सराय के प्रमुख गुलामे बाले पीर सुन्नी समुदाय के शेख मोहम्मद शफीक बाबा लाल शाह कादरी और रामजन्म भूमि मंदिर प्रकरण के मुख्य पैरोकार व निर्वाणी अखाड़ा के प्रमुख महंत धर्मदास महाराज, सनातन हिंदू वाहिनी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं प्राचीन सिद्धपीठ श्री कालकाजी मंदिर के महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत, पूर्व सेवानिवृत्त जज वीरेंद्र चौबे आदि के बीच बैठक हुई। इस दौरान उन्होंने मुस्लिम समाज का मंदिर निर्माण मामले में रूख स्पष्ट किया।
इस मौके पर दोनों पक्षों ने कहा कि पूरा देश ही नहीं, बल्कि पूरा विश्व चाहता है कि इस मामले का सर्वमान्य हल निकले। इस कारण सुप्रीम कोर्ट में पांच दिसंबर से नियमित होने वाली सुनवाई के दौरान आपसी सहमति के फार्मूले पर मोहर लगाई जानी चाहिए।
साधु संतों ने उम्मीद जताई की शेख मोहम्मद शफीक के आगमन और उनके राम मंदिर के निर्माण को समर्थन देने से अब यह मामला अखाड़ा परिषद के संतों व मुस्लिम धर्मगुरूओं और वक्फ बोर्ड के प्रमुखों के साथ ही पूर्ण होगा। शिया वक्फ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट हलफनामा दायर कर अयोध्या में राम मंदिर निमारण पर अपनी सहमति दे चुका है।