पूर्व विधायक राजू सिंह और मृतक अर्चना गुप्ता
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पूर्व विधायक राजू सिंह को फायरिंग करने का बहुत शौक है। वह जब भी दिल्ली स्थित अपने फार्म हाउस में आता था, तो यहां हवाई फायरिंग करता था। हालांकि दिल्ली पुलिस को फार्म हाउस में फायरिंग की कभी भनक नहीं लगी। उसने अपने शौक को पूरा करने के लिए काफी मात्रा में कारतूस रखे हुए थे। पूर्व विधायक ने पूछताछ में माना है कि उसने अपनी सुरक्षा से ज्यादा फायरिंग के शौक को पूरा करने के लिए काफी मात्रा में कारतूस रखे हुए थे।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी राजू सिंह के पास पिस्टल व कारतूस का लाइसेंस है। फार्म हाउस से मिले कारतूस उसके लाइसेंस में चढ़े हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी का ये भी कहना है कि वह नक्सली प्रभावित इलाके का रहने वाला है। अपनी सुरक्षा के लिए उसने लाइसेंसी पिस्टल ले रखी थी। उसके पास पिस्टल का ऑल इंडिया का लाइसेंस है। पिस्टल व कारतूस उसने बिहार से खरीदे थे। वह बिहार में नक्सली प्रभावित इलाके में पुलिस का मुखबिर भी था।
दर्ज हैं पांच आपराधिक मामले
राजू सिंह के खिलाफ बिहार में हत्या के प्रयास समेत पांच आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह 2005 और 2010 में जेडीयू से साहिबगंज, मुजफ्फरपुर (बिहार) से विधायक रहा है। वर्ष 2015 में चुनाव हार गया था। पत्नी रेनू ईस्ट चंपारण, बिहार से वर्ष 2015 में बिहार विधानपरिषद की सदस्य चुनी गई थी।
तीनों भाइयों की गुरुग्राम में फैक्टरी
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फार्म हाउस में तीनों भाइयों के घर बने हुए हैं। तीनों की सेक्टर-37, झाड़सा (गुरुग्राम) में प्रोटेक बायो सिस्टम प्राइवेट लिमिटेड नाम से दवाइयों की फैक्टरी है।
दिल्ली पुलिस की टीम बिहार रवाना
दिल्ली पुलिस की एक टीम बिहार रवाना की गई है। टीम बिहार में राजू सिंह के लाइसेंस, कारतूस लेने की प्रक्रिया आदि की जांच करेगी।