लेखकों के साहित्य का दशकों से प्रकाशित करने वाला राजकमल प्रकाशन 70 वर्ष का हो गया है। राजकमल प्रकाशन की 70 वीं वर्षगांठ के मौके पर साहित्य जगत से जुड़े विभिन्न लोगों ने प्रकाशन के क्षेत्र में इसके योगदान की सराहना की।
हमेशा लेखकों को बढ़ावा देने का प्रयास करने वाले राजकमल प्रकाश के प्रबंध निदेशक अशोक महेश्वरी ने कहा कि यह हमारा उत्सव वर्ष है। उन्होंने कहा कि राजकमल से उर्दू और मैथिली किताबों का प्रकाशन शुरू हो चुका है।
जल्द ही इसमें बृज एवं अवधि की किताबें भी शामिल हो जाएंगीं। वहीं उन्होंने बताया कि अपने 70 वें साल में हम पुस्तक लेखक और पाठकों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को गहराई से अनुभव कर रहे हैं। हिंदी भाषा और समाज के प्रति हमारी निष्ठा पूर्णता अक्षुण रहेगी। वर्तमान के साथ चलते हुए भविष्य के लिए हम तैयार हैं।