अशोक विहार फेज 2 में आयोजित होने वाली रामलीला के मंच पर इस बार राजस्थानी संस्कृति की झलक दिखाई देगी। वहीं तकनीक के माध्यम से रामलीला को भव्य बनाया जाएगा। दशहरा पर रावण का 51 फीट का पुतला दहन किया जाएगा।
दिल्ली भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष मांगेराम गर्ग ने 45 साल पहले उत्तरी दिल्ली की सबसे बड़ी रामलीला का आयोजन कराया था। तब से अशोक विहार फेज 2 में होने वाली रामलीला हर वर्ष हाईटैक होती जा रही है। कुछ माह पहले ही मांगेराम गर्ग का निधन हुआ है।
उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए इस बार रामलीला के मंच को राजस्थानी संस्कृति के रूप में तैयार कराया जा रहा है। टाट और मिट्टी का इस्तेमाल करते हुए राजस्थान के कारीगर ही इसे तैयार कर रहे हैं। इस रामलीला में अहिरावण वध, सीता हरण संवाद, पंचवटी संवाद सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं।
आयोजकों के अनुसार सीता स्वयंवर में इस बार लेजर लाइट का इस्तेमाल किया जाएगा। वहीं माता सीता मंच से करीब 12 फीट ऊपर प्रभु श्रीराम के गले में वरमाला पहनाएंगी। आदर्श रामलीला कमेटी के लीला निर्देशक नितिन बत्रा और महामंत्री अनिल यादव ने बताया कि देहदानी मांगेराम गर्ग हमेशा से ही रामलीला के अद्भुत आयोजन पर जोर देते थे।
इस बार रामलीला में कई संवाद को तकनीक से जोड़ा गया है। 28 सिंतबर से आठ अक्तूबर तक रामलीला का मंचन होगा। 28 सिंतबर को डांडिया नृत्य का आयोजन होगा। वॉयस ऑफ इंडिया फेम दानिश के अलावा दुबे सिस्टर सोनाली व दिपाली भी अपनी आवाज का जादू बिखरेंगी।
प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करने की अपील
नितिन बत्रा ने बताया कि रामलीला में आने वाले दर्शकों को प्लास्टिक से होने वाली हानियों के बारे में जानकारी दी जाएगी। उनसे प्लास्टिक और पॉलिथीन का इस्तेमाल नहीं करने की अपील की जाएगी। वहीं पहली बार रामलीला में ग्रीन पटाखों की आतिशबाजी देखने को मिलेगी। इसके लिए तमिलनाडु से ग्रीन पटाखे मंगाए गए हैं। इससे करीब 60 फीसदी से भी कम प्रदूषण होता है।