मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून की अक्षीय रेखा राजस्थान से आगे बढ़ते हुए उत्तर में पंजाब और हरियाणा पर पहुंच रही है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कारण आद्रता एनसीआर और पश्चिम उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों पर अपनी आमद दर्ज करा रही है। इन सब कारणों से मानसून में तेजी आई है।
ताजनगरी को लेकर पूर्वानुमान है कि आज यहां हल्की-फुल्की बारिश हो सकती है। आगरा में सुबह से आसमान में बादलों के बीच सूरज की लुकाछिपी चल रही है। दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में सुबह से बारिश के कारण इसका असर ताजनगरी पर भी होगा।
उत्तराखंड राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने आज अल्मोड़ा और उत्तरकाशी को छोड़कर बाकी 11 जिलों में भारी बारिश होने का रेड अलर्ट जारी किया है। केंद्र की ओर से संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों से अलर्ट रहने को कहा गया है, साथ ही उनसे लोगों को भी सचेत करने को कहा है।
गोरखपुर शहर के कुछ इलाकों में बुधवार को दस से 20 मिनट की बारिश हुई तो कई इलाकों में जलभराव हो गया। वहीं, कुछ इलाके ऐसे रहे जहां बादल उमड़ कर चले गए। वहीं गुरुवार को फिर से उमस भरी गर्मी का सिलसिला शुरू हो गया है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों के अनुसार गुरुवार शाम तक कुछ इलाकों में बादल छाए रह सकते हैं, साथ ही हल्की बारिश हो सकती है।
मानसून के बिगड़े मिजाज से जम्मू-कश्मीर के निचले क्षेत्रों के लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने जम्मू संभाग के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। साथ ही नदियों से दूर रहने की अपील की गई है। बारिश से इलाकों में बाढ़ और भूस्खलन भी हो सकता है। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
मध्य और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में अगले पांच दिन के दौरान भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया है। मौसम विभाग ने इस बारे में जानकारी दी है। मौसम विभाग के मुताबिक ओडिशा के उत्तर तट में चक्रवात का कम दबाव का क्षेत्र बन रहा है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पश्चिम की तरफ बढ़ने की संभावना है।
मेरठ समेत बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर में झमाझम बदरा बरस रहे हैं। जिसके चलते हैं अभी मौसम खुशनुमा बना हुआ है। भारतीय कृषि प्रणाली अनुसंधान मोदीपुरम के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एन सुभाष के अनुसार अभी दो दिन तक पश्चिमी यूपी में बारिश का माहौल बना रहेगा, कहीं 20 मिमी तो कहीं पर 40 से 45 मिमी बारिश होने के आसार हैं। बारिश होने से धान, गन्ना, चारा वह अन्य बेल वाली फसलों को काफी लाभ मिला है।
पश्चिमी यूपी में दो दिन से हो रही बारिश ने मौसम को सुहाना बना दिया है। बारिश से जहां फसलों को ऑक्सीजन मिली है वहीं गर्मी से भी राहत मिली है। धीमी गति से चल रहे उत्तर प्रदेश में मानसून ने फिर से रफ्तार पकड़ ली है मानसून की रफ्तार पकड़ने से मौसम का मिजाज ऐसा बदला कि दो दिन से रुक-रुककर बारिश हो रही है।
उत्तराखंड के जोशीमठ इलाके में अरोसी गांव में तेज बारिश के कारण लोगों को नदी पार करने में दिक्कत हो रही है, जिसके कारण लोगों ने आवाजाही के लिए अस्थायी व्यवस्था कर ली है।
उत्तर प्रदेश में भारी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। कई जिलों में भारी बारिश के कारण बिजली आपूर्ति बाधित रही। सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन बाधित है। वहीं वर्षा जनित हादसों में 10 लोगों की मौत हो गई है।
वाराणसी में बारिश और नम हवाओं ने बुधवार को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत दी। इससे गुरुवार को भी मौसम खुशनुमा हो गया। सुबह हल्की धूप के साथ मौसम की शुरुआत हुई। गुरुवार को अधिकतम तापमान में दो डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई। वहीं बुधवार को तापमान 34.2 डिग्री पहुंच गया था। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि अगले तीन-चार दिनों तक मौसम ऐसे ही बने रहने की संभावना है।
बता दें कि फरीदाबाद में अल सुबह हुई बरसात से पूर्व मंत्री शिवचरण लाल शर्मा एवं वर्तमान विधायक नीरज शर्मा के निवास में पानी भर गया है। वहीं दिल्ली के प्रह्लादपुर अंडरपास पर आज सुबह से हो रही बारिश से बुरी तरह जल जमाव हो गया है, जिससे यातायात ठप हो गया है।
आगरा में गुरुवार सुबह तेज धूप निकली। सुबह से ही लोग उमस से लोग परेशान रहे, लेकिन दिन चढ़ने के साथ-साथ मौसम का मिजाज बदल गया। अचानक काले बादलों ने डेरा जमा लिया और बारिश शुरू हो गई। 15 मिनट तक अच्छी बारिश हुई। देहात क्षेत्रों में सरसों की फसल लगाने वाले किसानों के खेतों में पानी भर गया।
उत्तर प्रदेश के बिजनौर शहर में मंगलवार रात से ही लगातार बारिश हो रही है। तेज बारिश होने से शहर में जगह-जगह जलभराव हुआ है। वहीं घरों में पानी घुसने से लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। शहर में मुख्य डाकघर चौराहे पर करीब दो फीट पानी भरा हुआ है। उधर, आवास विकास कॉलोनी में भी घरों के बाहर दो फीट से ज्यादा पानी भरा हुआ है।
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में घाघरा नदी का जलस्तर बुधवार की शाम खतरे के निशान से 77 सेंटीमीटर ऊपर था। इसके चलते घाघरा के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में हैं। विभाग के साथ ही पूरा सरकारी अमला सतत निगरानी कर रहा है।