पिछले कई दिनों से गंभीर से लेकर बहुत खराब श्रेणी में सांस ले रहे दिल्ली-एनसीआर के निवासियों ने पड़ोसी राज्यों में हुई बारिश की वजह से शुक्रवार को साफ हवा में सांस ली। पिछले 10 दिन में दूसरी बार दिल्ली की हवा का स्तर 137 के वायु गुणवत्ता सूचकांक के साथ औसत श्रेणी में रहा। साथ ही दिल्ली एनसीआर के शहरों में भी हवा का स्तर बहुत खराब श्रेणी से औसत श्रेणी में दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 65 अंक लुढ़क कर 137 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह आंकड़ा 302 रहा था, जबकि बुधवार को हवा का स्तर 413 के आंकड़े के साथ गंभीर श्रेणी में पहुंच गया था। यह 10 दिन में दूसरी बार है जब हवा का स्तर औसत श्रेणी में पहुंचा है। इससे पहले गत 17 नवंबर को दिल्ली की साफ हवा में लोगों ने सांस ली थी, जबकि 17 नवंबर से 42 दिन पहले 6 अक्तूबर को दिल्ली की हवा इतनी साफ रही थी।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु मानक संस्था सफर के अनुसार, प्रदूषण के लिए जिम्मेदार तत्व पीएम के स्तर में भी गिरावट दर्ज की गई है। इस कड़ी में पीएम 10 का स्तर 105 और पीएम 2.5 का स्तर 54 रहा। दोनों ही औसत श्रेणी में दर्ज किए गए हैं।
वहीं, पिछले 24 घंटों में दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा, पंजाब और उतर प्रदेश में कुल 136 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसकी प्रदूषण में हिस्सेदारी महज 2 फीसदी रही। पिछले 24 घंटों की बात करें तो पीएम 10 का स्तर 251 और पीएम 2.5 का स्तर 150 रहा था। वहीं, पराली के धुएं की हिस्सेदारी भी सिर्फ 1 फीसदी दर्ज की गई थी, जबकि बुधवार कोई यह 2 फीसदी रही थी।
सफर के अनुसार, दिल्ली के पड़ोसी राज्य हरियाणा और पंजाब में हुई बारिश की वजह से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण को कम होने में मदद मिली है। यही वजह है हवा का स्तर गंभीर व बहुत खराब श्रेणी से सीधे औसत श्रेणी में पहुंचा है। साथ ही वेंटिलेशन इंडेक्स और हवा की तेज रफ्तार ने आसमान से प्रदूषण के तत्वों को कम करने में सहायता प्रदान की है। आगामी 2 दिनों के भीतर भी दिल्ली की हवा औसत से खराब श्रेणी के बीच बने रहने की संभावना बनी हुई है हालांकि, 2 दिन के बाद फिर से हवा का स्तर बिगड़ सकता है।
दिल्ली- एनसीआर के आंकड़े
फरीदाबाद 134
गाजियाबाद 166
ग्रेटर नोएडा 129
गुरुग्राम 107
नोएडा 125