प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक, एक जून को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से चार डिग्री अधिक के साथ 44.2 दर्ज किया गया। इससे पहले 2019 में अधिकतम तापमान 44.8 डिग्री रहा था। वहीं, न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री अधिक 30 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
नरेला में 43 के पार पहुंचा पारा
मौसम विभाग के मुताबिक नरेला इलाका सर्वाधिक गर्म रहा। यहां अधिकतम 46.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। पूसा में 45.2, नजफगढ़ में 44.6, जाफरपुर में 44.5, पीतमपुरा में 44.7, पालम में 44.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रहा।
मुंगेशपुर में सेंसर खराब होने से गलत रीडिंग दर्ज
29 मई को मुंगेशपुर में मौसम विभाग का सेंसर खराब होने से तापमान की रीडिंग गलत दर्ज हो गई थी। ऐसे में आईएमडी ने इसे लेकर बयान जारी किया है कि स्वचालित मौसम स्टेशन (एडब्ल्यूएस) ने अधिकतम तापमान की सूचना दी थी, जो बीते दिनों के तापमान की तुलना में बहुत अधिक था। इससे मौसम विभाग ने असामान्य तापमान की गहन जांच व समीक्षा की है। यहां का अधिकतम तापमान 3 डिग्री सेल्सियस अधिक रिपोर्ट किया था, जो मानक उपकरण द्वारा बताए गए, अधिकतम तापमान से अधिक तापमान है। दिल्ली में विभागीय मैनुअल सतह वेधशालाओं ने कोई महत्वपूर्ण अंतर नहीं दिखाया। अधिकतम तापमान खराबी के कारण सही नहीं है। ऐसी त्रुटियों की पुनरावृत्ति से बचने के लिए आईएमडी द्वारा आवश्यक उपचारात्मक उपाय किए जा रहे हैं।
खराब श्रेणी में आबोहवा दर्ज
हवा की गति कम होने व दिशा बदलने से शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 245 रहा दर्ज किया गया जो खराब श्रेणी है। मौसम विभाग के मुताबिक, मंगलवार तक हवा खराब श्रेणी में बनी रहेगी। सीपीसीबी के अनुसार एनसीआर में ग्रेटर नोएडा का सबसे अधिक 373 एक्यूआई रहा जो बेहद खराब श्रेणी है। नोएडा में 256, गाजियाबाद में 222, फरीदाबाद में 212 व गुरुग्राम में 182 एक्यूआई दर्ज किया गया।
तेज हवा से कई जगह खंभों के तार टूटे, बिजली कट ने रुलाया
फरीदाबाद में मौसम में बदलाव हुआ और लोगों को गर्मी से हल्की राहत जरूर मिली, लेकिन तेज हवाएं चलने से बिजली के तार टूटे। इससे कई जगह बिजली के कट ने लोगों को परेशान किया। शनिवार को भी कई स्थानों पर पांच से छह घंटे बिजली कट लगे। जिसकी वजह से लोगों को पानी की समस्या से भी जूझना पड़ रहा है।
शुक्रवार और शनिवार को तापमान में गिरावट होने की वजह से जहां लोगों को गर्मी से थोड़ी हालत मिली। हालांकि, तेज हवा चलने की वजह से कई जगहों पर बिजली की तार टूट गए। उन तारों को ठीक करने में कर्मचारी को काफी समय लगा। इस दौरान लोगों को बिजली कटौती की समस्या से जूझना पड़ा।