दिल्ली-एनसीआर में हवा की गुणवत्ता में बारिश के बाद सुधार दर्ज किया गया है। गंभीर स्तर की वायु गुणवत्ता बहुत खराब और खराब स्तर के बीच आ गई है। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने कहा है कि अगले दो दिन में वायु गुणवत्ता फिर बिगड़ सकती है। घना कोहरा और ठंड बढ़ने के बाद वायु प्रदूषण बढ़ सकता है।
सीपीसीबी की हेल्थ एडवाइजरी में कहा गया है कि लंबे समय तक बहुत खराब स्तर के प्रदूषण में रहने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए अभी एन-95 गुणवत्ता वाला मास्क जरूर पहनें। खासतौर से श्वास के मरीजों, बच्चों और बुजुर्गों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। सीपीसीबी के मुताबिक, सोमवार को दिल्ली की वायु गुणवत्ता का स्तर 333 रहा। फरीदाबाद का एक्यूआई 346, गाजियाबाद का 388, ग्रेटर नोएडा का 380, गुरुग्राम का 252, नोएडा का 334 रिकॉर्ड किया गया। 201 से 300 का एक्यूआई खराब, 301 से 400 बहुत खराब और 401 से अधिक गंभीर वायु गुणवत्ता को प्रदर्शित करता है।
हवा में कम हुए पार्टिकुलेट मैटर
सीपीसीबी के मुताबिक, दिल्ली-एनसीआर की हवा में पार्टिकुलेट मैटर में भी गिरावट आई है। सोमवार को रात आठ बजे पीएम 2.5 का स्तर सामान्य मानक से तीन गुना 164 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 2.5 का सामान्य स्तर 60 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है। वहीं, पीएम 10 का स्तर सामान्य मानक से ढाई गुना 258 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रिकॉर्ड किया गया। पीएम 10 का सामान्य स्तर 100 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर होता है। अगले दो दिन दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता में पीएम का स्तर इन्हीं आंकड़ों के आसपास रह सकता है।