दिवाली के बाद लगातार पांचवें दिन दिल्ली-एनसीआर में स्मॉग की घनी चादर छाई रही। एनसीआर के सभी शहरों की हवा की गुणवत्ता बेहद खराब से गंभीर स्तर के बीच थी। हालांकि, शनिवार दोपहर बाद हवा की गति में तेजी आई है। इससे प्रदूषण के स्तर में गिरावट आने की उम्मीद विशेषज्ञों ने जताई है। फिर भी, दिल्ली वालों की सांस पर अगले हफ्ते तक संकट मंडराता रहेगा।
सीपीसीबी के आंकड़े बताते हैं कि शुक्रवार की तुलना में हवा की तेज गति से दिल्ली के प्रदूषण स्तर में थोड़ा सुधार आया है। शनिवार को वायु गुणवत्ता सूचकांक गंभीर स्तर से सुधरकर बेहद खराब स्तर पर पहुंच गया। दिल्ली में यह 399 पर आ टिका है। यही हालत गाजियाबाद, नोएडा, ग्रेटर नोएडा, फरीदाबाद व गुरुग्राम में भी देखी गई।
शनिवार को दिल्ली पर पश्चिमी विक्षोभ का भी असर दिखा। इससे दोपहर बाद हवा की गति तेज हुई। शुक्रवार के 6 किमी प्रति घंटे की तुलना में शनिवार को यह 15 किमी प्रति घंटे हो गई है। साथ ही शाम को हल्की बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विभाग के विशेषज्ञ कुलदीप श्रीवास्तव बताते हैं कि पश्चिमी विक्षोभ का असर रविवार को खत्म हो जाएगा, लेकिन सोमवार से हवा की गति ज्यादा होगी। इससे प्रदूषण के स्तर में तेजी से गिरावट आने की संभावना है।
पराली जलाने के मामलों में तेज गिरावट
सफर का कहना है कि बीते 24 घंटों में पराली जलाने के मामले तेजी से गिरे हैं। 31 अक्तूबर के 3178 मामलों की तुलना में इस दौरान सिर्फ 268 मामले रिकॉर्ड किए गए। इससे शनिवार को दिल्ली के प्रदूषण में पराली के धुएं का हिस्सा तेजी से गिरा है। बृहस्पतिवार व शुक्रवार के 44 व 38 फीसदी की तुलना में शनिवार को 17 फीसदी हो गया। रविवार को इसके 12 फीसदी तक पहुंचने की उम्मीद है।
दिल्ली समेत एनसीआर का वायु गुणवत्ता सूचकांक
गाजियाबाद : 453
ग्रेटर नोएडा : 438
नोएडा : 432
फरीदाबाद : 404
दिल्ली : 399
गुरुग्राम : 364