कोविड-19 के मरीजों के लिए रेलवे अब वेंटिलेटर नहीं बनाएगा। इसकी जगह ज्यादा से ज्यादा संख्या में पीपीई किट, ऑक्सीजन सिलिंडर और सैनिटाइजर बनाएगा। कम लागत से तैयार होने वाले वेंटिलेटर को बनाने में आ रही कुछ परेशानियों व स्वास्थ्य विभाग की तरफ से अन्य सामान की मांग को लेकर रेलवे ने यह निर्णय लिया है।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद कुमार यादव ने बताया कि रेलवे 1.91 लाख पीपीई किट, 66.4 हजार लीटर सैनिटाइजर और 7.33 लाख मास्क अभी तक तैयार कर चुका है। इसके अलावा अगले महीने तक 22 लाख पीपीई किट तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने बताया कि फिलहाल वेंटिलेटर के निर्माण का काम रोक दिया है।
उत्तर रेलवे के प्रिंसिंपल चीफ मेकेनिकल इंजीनियर अरुण अरोड़ा ने बताया कि रेलवे ने अपनी वर्कशॉप में मेडिकल उपकरण बनाने की गति को तेज कर दिया है। जल्द ही कोरोना वायरस से बचाव के लिए ज्यादा से ज्यादा संख्या में पीपीई किट, सैनिटाइजर और मास्क तैयार किया जाएंगे।
विनोद कुमार यादव ने यह भी बताया कि लॉकडाउन में रेलवे के इंजीनियरों ने जहां कोराना की रोकथाम के लिए कई मेडिकल उपकरण बनाने में सफलता हासिल की, वहीं इस दौरान अपने 200 प्रोजेक्ट को भी पूरा किया।