प्रवासी मजदूरों को दिल्ली से उनके घरों तक पहुंचाने के लिए रेलवे तैयार है। इसके लिए पहले ही श्रमिक ट्रेनें शुरू कर दी गई हैं। रेलवे ने यह जवाब हाईकोर्ट में विचाराधीन संबंधित याचिका पर दिया।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की पीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई में रेलवे ने कहा कि प्रवासी मजदूरों को अन्य राज्यों में उनके घरों तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह तैयार है। रेलवे ने कहा कि करीब 10 लाख यात्रियों को लेकर 800 ट्रेनें पहले ही रवाना हो चुकी हैं।
यह याचिका बंधुआ मजदूर उन्मूलन के लिए राष्ट्रीय अभियान समिति की ओर से दायर की गई है। याचिका में दावा किया गया कि प्रवासी मजदूरों की उनके घर वापसी के लिए पंजीकरण हेतु बनाई गई सरकार की वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। इस वजह से काफी मजदूर पंजीकरण ही नहीं करवा पा रहे। इससे उन्हें सड़कों और स्टेशनों के बाहर फंसना पड़ रहा है। इसके समाधान के लिए दिल्ली के हर जिले में नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की गई है ताकि प्रवासी मजदूरों को उनके घर भेजा जा सके।