कोविड केयर कोच में मरीजों को आपात स्थिति में डॉक्टरों को बुलाने में परेशानी नहीं होगी। अब कोच के हर बेड पर अलार्म लगेगा। जिसे नियंत्रण कक्ष से जोड़ा जाएगा। कोरोना के मरीज को अगर किसी तरह की बैचैनी या परेशानी होती है तो वह अलार्म बजाकर नियंत्रण कक्ष से डॉक्टर को बुला सकेंगे। इसका प्रयोग शकुरबस्ती शेड में लगाए गए कोविड केयर कोच में शुरू कर दिया है। इस अलार्म को रेलवे के इंजीनियरों ने तैयार किया है।
उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी शकुरबस्ती पहुंचकर कोविड केयर कोच के साथ ही वहां की स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लिए। इस मौके पर उन्होंने बताया कि रेलवे इंजीनियरों ने सर्किट सिस्टम डेवलॉप कर अलार्म को बनाया है। यानी जिस बर्थ का मरीज अलार्म बजाता है नियंत्रण कक्ष में लगे डिस्प्ले बोर्ड पर बर्जर बजने लगेगा। बर्जन उस कोच व बर्थ को भी बताएगा जहां से अलार्म बजाया गया है। जिस कोच के लिए अटेंडेंट व मेडिकल स्टाफ को तैनात किया गया है वह मिनटों में पहुंचकर मरीज की मदद करेगा।
चौधरी ने बताया कि इमरजेंसी बेल काफी तेज आवाज से बजेगा और लालबत्ती चल उठेगी। इससे डॉक्टर तुरंत मरजी के पास पहुंचकर उसका इलाज करेंगे। उन्होंने बताया कि इस तरह का अलार्म आनंद विहार समेत अन्य स्टेशनों पर लगे कोविड केयर कोच में भी लगाया जाएगा। शकुरबस्ती रेलवे शेड स्थित कोविड केयर कोच के मरीज सीधा प्रीतम पुरा स्थित भगवान महावीर अस्पताल के डॉक्टरों से जुड़े रहेंगे। इस कोच के मरीज को ज्यादा परेशानी होगी तो एंबुलेंस से तत्काल महावीर अस्पताल पहुंचाया जाएगा।
जिम्मेदारी भी तय की गई
स्टेशन पर लगे आइसोलेशन कोच में मरीजों को सुविधा देने के लिए जिम्मेदारी भी तय की गई है। उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने बताया कि रेल मंत्रालय और राज्य सरकार के बीच हुए समझौते के अनुसार कई इंतजाम किया गया है। कोच में ऑक्सीजन सिलेंडर भी रेलवे द्वारा उपलब्ध कराए जायेंगे। खान-पान की व्यवस्था भी रेलवे करेगा। एक दिन में 3 समय का भोजन और सुबह एवं शाम की चाय शामिल होगी। रेलवे स्टेशन एवं प्लेटफॉर्म की सुरक्षा, रेल सुरक्षा बल करेगा। दिल्ली पुलिस रेलवे स्टेशन एवं बाहर के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था की प्रभारी होगी।
रेलवे ने कोविड केयर सेंटर के रूप में इस्तेमाल करने के लिए स्थानीय प्रशासन को सौंपा है। रोगियों की पहचान, उनको लाने-ले जाने, उसको भर्ती करने और डिस्चार्ज करने की जिम्मेदारी राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग की होगी। रोगियों का इलाज डीजीएचएस प्रोटोकोल के अंतर्गत किया जाएगा। रोगी की तबीयत बिगड़ती है तो उसे डीजीएचएस/अस्तपाल द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली/गयी एम्बूलेंस से कोविड हैल्थ केयर सेंटर ले जाया जायेगा। कोच की साफ-सफाई और कूडे को उठाना और उसके निपटान की जिम्मेदारी अस्पताल की होगी ।
रिसेप्शन सेंटर की व्यवस्था
कोविड केयर कोचों एवं रोगियों से जुड़ी सूचनाओं के लिए स्टेशन पर एक रिसेप्शन सेंटर खोला गया है । यहीं पर एक आपातकालीन नियंत्रण कक्ष रेलवे ने स्थापित किया है। रेल संबंधी सहायता एवं समन्वय के लिए यहां 24 घंटे रेल अधिकारी तैनात होंगे। गर्मी को देखते हुए शकूरबस्ती स्थित रेल डिब्बों को एक शैड के नीचे रखा गया है ताकि उनको सीधी धूप से बचाया जा सके। प्रत्येक कूपे में हवा के बेहतर संचार एंव तापमान नियंत्रण के लिए पंखे उपलब्ध कराए गए हैं।