रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुसार आईआरसीटीसी प्राइवेट कैटरर्स को साढ़े 10 रुपये के रेट से रेल नीर की एक बोतल देता है। यह बोतल 15 रुपये में बेची जाती है।
इस तरह के आरोप हैं कि निजी आपूर्तिकर्ता अधिक लाभ लेने के लिए स्थानीय कंपनियों से बोतल लेकर बेच रहे थे, जिनकी कीमत 5.70 से लेकर सात रुपये तक थी।
प्रीमियम ट्रेनों में ‘रेल नीर’ की जगह दूसरी कंपनियों का पैकेट बंद पानी बेचने के मामले में सीबीआई ने शुक्रवार को दिल्ली तथा नोएडा में उत्तरी रेलवे के दो पूर्व अफसरों समेत 7 निजी कंपनियों के 13 ठिकानों पर छापे मारे। इस दौरान 20 करोड़ रुपये तथा कई दस्तावेज बरामद किए गए।
सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद रेलवे ने दोनों अफसरों को निलंबित करने का फैसला किया है। यह जानकारी रेल मंत्रालय ने ट्वीट के जरिये दी और इस ट्वीट को रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रीट्वीट किया।
इन सात कंपनियों पर हुआ मामला दर्ज
एजेंसी ने भ्रष्टाचार निरोधी कानून के तहत उत्तरी रेलवे के तत्कालीन मुख्य वाणिज्य अधिकारी (पीएस एंड कैटरिंग) एमएस छलिया और संदीप सिलस तथा सात कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
जिन कंपनियों पर मामला दर्ज किया गया है, उनमें आरके एसोसिएट्स प्राइवेट लि., सत्यम कैटर्स प्राइवेट लिमिटेड, अंबुज होटल एंड रियल इस्टेट, पीके एसोसिएट्स प्राइवेट लिमिटेड, सनसाइन प्राइवेट लिमिटेड, बृंदावन फूड प्रोडक्ट और फूड वर्ल्ड शामिल हैं। सिलस एक पूर्व केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव रह चुके हैं।
सूत्रों के अनुसार आरके एसोसिएट्स और बृंदावन फूड प्रोडक्ट के मालिक श्याम बिहारी अग्रवाल तथा उनके बेटों अभिषेक व राहुल के आवास से 20 करोड़ रुपये मिले हैं।