किसी को भी अब पैसों की कमी के कारण इलाज से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। जात-पात व अमीरी-गरीबी के भेदभाव से परे प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (पीएम-जेएवाई) के तहत अब सब बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। यह कहना है केंद्रीय रेल एवं कोयला मंत्री पीयूष गोयल का।
वह रविवार को प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना का शुभारंभ करने गुरुग्राम पहुंचे थे। सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल से योजना की शुरुआत करते हुए उन्होंने लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड वितरित किए। वहीं अधिकारियों को जिले में इस योजना के सफल आयोजन को सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
इस मौके पर पीयूष गोयल ने कहा कि गरीब से गरीब परिवार को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया करवाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर में इस योजना की शुरुआत की है। यह योजना विश्वभर में स्वास्थ्य के क्षेत्र में अपने आप में एक बड़ी पहल है।
जो लोग पैसे न होने के कारण इलाज नहीं करवा पाते थे या उन्हें इलाज के लिए साहूकारों से ऋण लेना पड़ता था, वे इस योजना के तहत अब देश के किसी भी सरकारी या पैनल वाले निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज करवा सकेंगे।
14 निजी अस्पताल हुए फाइनल
रेल मंत्री ने अस्पताल में बने आयुष्मान कक्ष का भी उद्घाटन किया और वहां मौजूद आयुष्मान मित्रों से योजना के पोर्टल की जानकारी हासिल की। मंत्री ने योजना के लाभार्थी पूनम, किरण, अंजली, बाली, कृष्ण व वर्षा को गोल्डन कार्ड वितरित करते हुए कहा कि देशभर में 50 करोड़ लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
गुरुग्राम जिले में लगभग 90 हजार बीपीएल परिवार इस योजना से लाभान्वित होंगे। जिसमें से करीब 68 हजार परिवार शहरी क्षेत्र व करीब 19 हजार परिवार ग्रामीण क्षेत्रों के हैं। ये लाभार्थी 1350 तरह के पैकेज के तहत पंजीकृत अस्पतालों में इलाज करवा सकते हैं।
योजना के तहत अभी तक शहर के महज 14 निजी अस्पताल ही फाइनल हो पाए हैं। इन अस्पतालों में आहूजा आई केयर, पार्क अस्पताल, उमा संजीवनी हेल्थ सेंटर, तीर्थराम, बहनोट अस्पताल, आई क्यू विशन, मुस्कान डेंटल, सेंटर फॉर साइट, चिराग अस्पताल, कृति अस्पताल, दयाल आई सेंटर, पुष्पावति सिंघानिया, अल्फा हेल्थकेयर व मेट्रो अस्पताल शामिल हैं। अधिकारियों की मानें तो कुल 74 अस्पतालों ने पंजीकरण के लिए आवेदन किया है। जल्द ही वे भी सूची में आ जाएंगे।
कार्ड के जरिये मिलेगा इलाज
डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के लिए इस योजना को पूरी तरह से पेपरलैस बनाया गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी गोल्डन कार्ड के जरिये ही लाभार्थी अपना इलाज करवा सकेंगे। बाइमेट्रिक होने के कारण लाभार्थी भारत के किसी भी कोने में इसका लाभ उठा सकेंगे। इलाज के दौरान आने वाले खर्च का भुगतान सरकार की ओर से ही अस्पताल को किया जाएगा। इसके लिए लाभार्थी को किसी तरह का कोई भुगतान नहीं करना होगा।
बच्चों से हुए रूबरू
कार्यक्रम के दौरान पंडाल में बैठै बच्चों को केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने मंच पर आमंत्रित किया। बच्चों से गुफ्तगू कर उनसे हाल जाना और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया।