रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एके मित्तल ने कहा कि तकनीक के क्षेत्र में हम आज भी विदेशों से 20-25 साल पीछे हैं। यह जरूरी है कि हम भी रेलवे में सुधार लाएं।घ प्रधानमंत्री नख्नरेंद्र मोदी ने खुद इस बात अफसोस जताया था कि जितनी लोगों की रेलवे से अपेक्षाएं हैं उस लेबल पर रेलवे पहुंच नहीं पा रहा है।
रेलवे के प्रगति के साथ ही देश भी प्रगति करेगा। मित्तल शुक्रवार को रेल विकास शिविर में देश भर के 16 जोन से आए करीब 800 रेल अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने पहले प्रधानमंत्री मोदी ने रेलवे के विकास के लिए सुझाव मांगे थे। इसके लिए उन्होंने रेलवे से जुड़ी अपने बचपन की यादें भी शेयर की थी। उन्होंने कहाकि अभी तक जो परम्परा है उसके अनुसार कंसलटेंट नियुक्त कर रेलवे में विकास के सुझाव लिए जाते थे लेकिन अब सरकार ने कंसलटेंट नियुक्त करने के बजाय रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों से ही सुझाव लेने की नई परंपरा शुरू की है।
उन्होंने बताया कि रेल विकास शिविर के लिए देशभर से करीब सवा लाख सुझाव आए थे जिसमें करीब 800 सुझाव चिन्हित किए गए हैं। इन आठ सौ सुझावों में जो बेस्ट आइडिया आएंगे उन चुनिंदा लोगों से पीएम खुद मिलेंगे। उन्होंने साफ कहा कि जो सुझाव शिविर के माध्यम से आएंगे उसे जरूर लागू किया जाएगा।
इसके पूर्व सुबह 7 बजे से 7:45 बजे तक देशभर के विभिन्न हिस्सों से आए रेल अधिकारियों ने योगा भी किया। ओपन सेशन में कई अधिकारियों ने शिविर की तारीफ की और आने वाले दिनों में हर वर्ग के कर्मचारियों से लेकर अधिकारी वर्ग तक के लोगों को शामिल करने की बात कही।
रेलवे बोर्ड के ओएसडी ने तीन दिनों के कार्यकलापों की जानकारी दी। इस शिविर में प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसमें रेलवे के तकनीकी विकास की जानकारी दी गई है। इस मौके पर महाप्रबंधक उत्तर रेलवे एके पुठिया, डीआरएम अरुण कुमार समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।