हाईकोर्ट ने करोल बाग में फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) बनाने में देरी पर रेलवे और उत्तरी दिल्ली नगर निगम से जवाब मांगा है। करोल बाग में रेलवे लाइन पर फुट ओवर ब्रिज प्रस्तावित है।
मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरि शंकर की खंडपीठ ने रेलवे और निगम के अधिकारियों से कहा है कि 30 अगस्त को पेश होकर स्थिति से अवगत कराएं। याचिका सुनने के बाद हाईकोर्ट ने जब संबंधित विभागों से जवाब मांगा तो कोई अधिवक्ता जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने अधिकारियों को पेश होने के लिए कहा है।
हाईकोर्ट ने श्रवण कुमार चौबे और दिलीप कुमार द्वारा दायर याचिका पर इन अधिकारियों से जवाब मांगा है। याचिका में कहा गया है कि रेलवे ट्रैक पर अक्सर हादसे होते हैं, क्योंकि फुट ओवर ब्रिज के अभाव में लोग पटरी से गुजरते हैं।
याचिका में कहा गया है कि सूचना के अधिकार के तहत मिली जानकारी के मुताबिक 2010 से 2017 के बीच 514 हादसे हुए, जिनमें 436 लोगों की मौत हो गई। वर्ष 2013 में पटरी के नीचे अंडर पास बनाने का प्रस्ताव आया और 2014 में इसकी नींव का पत्थर रखा गया, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ।
इसके निर्माण पर 128 करोड़ रुपये बजट का हवाला देते हुए प्रस्ताव बदलने की बात कही गई और 2018 में फुट ओवर ब्रिज प्रस्तावित हुआ। आठ करोड़ रुपये में बनने वाले ब्रिज का काम भी शुरू नहीं हुआ है।