यहां के रेलवे स्टेशनों पर दिनोंदिन यात्रियों की संख्या बढ़ती जा रही है। लेकिन सुविधाएं भी उसी अनुपात में कम हो रही है। टिकट लेने के लिए काउंटर तो पर्याप्त हैं, लेकिन टिकट देने वाले कम।
यानि मैनपावर की कमी के चलते लोगों को जल्दी टिकट नहीं मिल पाता। कई बार ऐसा होता है कि यात्रियों की ट्रेन टिकट लेने के चक्कर में ही छूट जाती है।
रेलवे ने स्टेशनों पर ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें (एटीवीएम) लगा रही हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में वह भी खराब हो चली है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि रेलमंत्री की घोषणा के अनुरूप यात्रियों को पांच मिनट में टिकट मिलेगा कैसे?
ज्ञात हो कि रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने रेल बजट में दैनिक यात्रियों को पांच मिनट में टिकट उपलब्ध कराने की घोषणा की है। यात्रियों के लिए यह राहत भरी खबर है पर हकीकत में क्या उन्हें यह सुविधा मिल पाएगी, इस पर संशय बना हुआ है।
क्योंकि रखरखाव के अभाव में ओल्ड, न्यूटाउन, बल्लभगढ़ और पलवल स्टेशनों पर लगाई गईं एटीवीएम खराब हो चुकी हैं। मजबूरी में यात्रियों को लंबी लाइन में लगना ही होगा।
पांच साल पहले लगाई गई थीं मशीनें
रेलवे ने मेट्रो की तर्ज पर इस सेक्शन के चारों स्टेशनों पर वर्ष 2011 में दो-दो ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीनें लगाई थीं। इससे यात्री कार्ड के जरिए प्लेटफार्म टिकट, संबंधित स्टेशनों का यात्रा टिकट और सीजनल टिकट को नवीनीकरण कर सकते थे। इससे टिकट काउंटर पर भीड़ कम होती थी और लोगों को आसानी से टिकट मिल जाता था। लेकिन कुछ दिनों बाद ही पूरी व्यवस्था ठप हो गई। यानि रखरखाव के अभाव में एटीवीएम खराब हो गए। अब इन मशीनों से यात्रियों को टिकट नहीं मिलता।
बढ़ रहे यात्री, कम हो रहे काउंटर
एक तरफ पलवल से दिल्ली जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ती ही जा रही है तो दूसरी ओर मैनपॉवर की कमी के चलते सुबह-शाम पीक ऑवर्स में भी दो-तीन काउंटर ही चल पाते हैं। ऐसा ओल्ड, बल्लभगढ़ व पलवल में आसानी से देखा जा सकता है। यही कारण है कि अब टिकट लेने के लिए काउंटरों पर यात्रियों की लंबी लाइन लगी रहती है। इसके चलते एक यात्री को टिकट लेने में 15 से 20 मिनट तक का समय लग जाता है। टिकट लेने के चक्कर में कई बार यात्रियों की ट्रेन तक छूट जाती है। ये नजारा ओल्ड और बल्लभगढ़ में कभी भी देखा जा सकता है।
इतने यात्री प्रतिदिन करते हैं सफर:(अप-डाउन)
ओल्ड स्टेशन- 22 से 25 हजार
न्यूटाउन स्टेशन- 15 से 18 हजार
बल्लभगढ़ स्टेशन- 20 से 22 हजार
पलवल स्टेशन- 20 से 22 हजार
यह सुविधा यात्रियों को तीन महीने बाद मिलने की उम्मीद है। क्योंकि रेलवे बोर्ड की ओर से हाई टेक्नोलॉजी की एटीवीएम मंगाई जा रही हैं। अभी तक जो मशीनें लगी हैं उन्हें जल्द ही वापस मंगा लिया जाएगा। उनमें कई कमियां हैं जिसके चलते जल्दी खराब हो गईं। निश्चित रूप से यात्रियों को पांच मिनट में टिकट उपलब्ध कराए जाएंगे।
-बीएन सिंह, सीनियर डिवीजन कमर्शियल मैनेजर, दिल्ली डिवीजन उत्तर रेलवे।