फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंकिता भंडारी केस: इंडिया गेट पर पीड़ित परिवार से मिले राहुल-प्रियंका, परिजन दुष्यंत गौतम की नियुक्ति से नाराज

Wed, 14 Oct 2026 07:47 PM IST
Akash Dubey अमर उजाला नेटवर्क, दिल्ली

सार

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने इंडिया गेट पर अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात की। पीड़ित परिवार भाजपा नेता दुष्यंत गौतम पर आरोप लगा रहे हैं, जो हाल ही में सिक्किम के राज्यपाल बने हैं।
विज्ञापन
अंकिता भंडारी केस - फोटो : IANS
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग कर रहे परिवार के समर्थन में बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी इंडिया गेट पहुंचे। दोनों ने धरने पर बैठे अंकिता के माता-पिता से मुलाकात की और उनकी मांगें सुनीं। परिवार भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को सिक्किम का राज्यपाल बनाए जाने का विरोध कर रहा है। उसकी मांग है कि मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की जांच पूरी होने तक उनकी नियुक्ति पर रोक लगाई जाए। वहां कांग्रेस नेता पवन खेड़ा, सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, सुप्रिया श्रीनेत और सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना भी मौजूद रहे।

विज्ञापन

 

Trending Videos

राष्ट्रपति से लगाई नियुक्ति रोकने की गुहार
अंकिता के माता-पिता ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की है। परिवार के अनुसार, बेटी की हत्या से जुड़े मामले में उठ रहे सवालों का जवाब जांच पूरी होने के बाद ही मिल सकेगा। ऐसे में जांच पूरी होने तक दुष्यंत गौतम को राज्यपाल पद की जिम्मेदारी नहीं दी जानी चाहिए। अंकिता की मां सोनी देवी धरने के दौरान भावुक हो गईं। उन्होंने राष्ट्रपति से उनकी पीड़ा समझने और न्याय दिलाने के लिए कदम उठाने की अपील की। परिवार के मुताबिक, 12 अक्तूबर को दुष्यंत गौतम को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने की खबर के बाद उन्होंने विरोध शुरू किया। अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी भी नियुक्ति पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

पवन खेड़ा ने पूछा-सरकार किसे बचाना चाहती है
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने नियुक्ति को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आपने उन्हें इम्युनिटी दे दी है। आप सीबीआई जांच का इंतजार भी नहीं कर रहे हैं। इसे इतनी जल्दी खत्म करने का क्या दबाव है। आप किसे बचा रहे हैं। खेड़ा ने यह भी सवाल किया कि किसी को ऊंचे पद पर बैठाने के लिए सरकार पर क्या दबाव है। उन्होंने कहा कि सरकार का डर खत्म हो चुका है और लोगों में आक्रोश इसी वजह से दिखाई दे रहा है। ये खेड़ा के आरोप हैं। दुष्यंत गौतम के खिलाफ लगाए गए आरोपों को अदालत में साबित हुआ तथ्य नहीं माना जा सकता।

2022 में हुई थी अंकिता की हत्या
19 वर्षीय अंकिता भंडारी उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। सितंबर 2022 में उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में रिजॉर्ट मालिक पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। हत्याकांड में एक वीआईपी की भूमिका को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। परिवार और कुछ कार्यकर्ताओं ने इस संदर्भ में दुष्यंत गौतम का नाम लिया है। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों को सिद्ध तथ्य के रूप में पेश नहीं किया जा सकता। परिवार अब सीबीआई जांच पूरी होने तक नियुक्ति रोकने और मामले से जुड़े सवालों का जवाब मिलने की मांग कर रहा है।

दुष्यंत गौतम की नियुक्ति के खिलाफ कांग्रेस ने खोला मोर्चा
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता के माता-पिता की ओर से हत्याकांड में शामिल वीआईपी के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिए जाने के बावजूद मामले में सीबीआई जांच नहीं कराई गई। इसके बजाय भाजपा सरकार ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में कांग्रेस ने गांधी पार्क में मौन उपवास रखा है।
 

कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा
कांग्रेस का आरोप है कि अंकिता के माता-पिता की ओर से हत्याकांड में शामिल वीआईपी के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम का नाम लिए जाने के बावजूद मामले में सीबीआई जांच नहीं कराई गई। इसके बजाय भाजपा सरकार ने दुष्यंत कुमार गौतम को राज्यपाल जैसे संवैधानिक पद पर नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इसके विरोध में कांग्रेस ने गांधी पार्क में मोन उपवास रखा है।

कांग्रेस ने सरकार के इस फैसले को महिला विरोधी बताते हुए उत्तराखंड के लिए कलंक के समान करार दिया। पार्टी का कहना है कि जब तक मामले में सीबीआई जांच नहीं होती, तब तक इस प्रकरण से जुड़े सवालों का समाधान नहीं हो सकता। 

इसी मुद्दे को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल समर्थकों के साथ देहरादून के गांधी पार्क पहुंचे। यहां उन्होंने महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने उपवास किया। कांग्रेस ने इस विरोध के माध्यम से अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सवालों की जांच और जवाबदेही की मांग उठाई।

वहीं, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल पर कांग्रेस नेताओं की ओर से की गई अभद्र टिप्पणी के मुद्दे पर भाजपा ने भी प्रतिक्रिया दी। भाजपा महानगर कार्यालय में कर्नल अजय कोठियाल ने प्रेस वार्ता की।
विज्ञापन

अंकिता भंडारी के परिजनों से मिलने के बाद राहुल ने कही यह बात
राहुल गांधी ने एक्स पर लिखा, 'चार साल से अंकिता भंडारी के परिवार को इंसाफ नहीं मिला, लेकिन एक ‘वीआईपी’ आरोपी को संरक्षण और संवैधानिक पद का इनाम ज़रूर मिला। जहां बलात्कारियों और हत्यारों का फूल-मालाओं से स्वागत होता है और अपराधियों को सत्ता की ताकत से नवाज़ा जाता है - उस महिला-विरोधी भाजपा से कोई उम्मीद की भी नहीं जा सकती। आज, अंकिता के माता-पिता अपनी बच्ची के लिए न्याय की गुहार ले कर, अपने घर से मीलों दूर, इंडिया गेट पर बैठे हैं। मैं और कांग्रेस पार्टी उनके साथ खड़े हैं - उनके दुख में भी और इंसाफ की इस लड़ाई में भी।
 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें