जिला अदालत ने बॉलीवुड व टीवी अभिनेता रघुवीर यादव की पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने उन्हें हर माह 40 हजार रुपये खर्च के तौर पर पूर्व पत्नी पूर्णिमा को देने का निर्देश दिया है। रघुवीर यादव ने अक्तूबर 2011 के निर्णय को सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी।
कड़कड़डूमा स्थित अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अनुराधा शुक्ला भारद्वाज ने मजिस्ट्रेट के आदेश को कायम रखते हुए कहा कि निचली अदालत के निर्णय में कोई त्रुटि व अवैधता नहीं है। मजिस्ट्रेट ने रघुवीर की मासिक आय सवा लाख मानते हुए पूर्णिमा को 40 हजार रुपये गुजारा भत्ता देने का निर्देश पांच अक्तूबर 2011 को दिया था।
पूर्णिमा ने 2006 में गुजारा भत्ते की मांग करते हुए आवेदन दायर किया था। सत्र अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि मजिस्ट्रेट के आदेश में कोई त्रुटि नहीं है। यह आदेश याची के नुकसान में नहीं बल्कि फायदे में है।
अहम है कि मजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देते हुए रघुवीर यादव ने कहा कि उसकी सालाना आमदनी केवल सवा दो लाख रुपये है। इसके जवाब में पूर्णिमा के वकील ने विरोध करते हुए कहा कि रघुवीर यादव जैसा अभिनेता हर माह केवल 20 हजार रुपये कमाता है, यह मानना बेहद मुश्किल है।