-डिमेंशिया का इलाज मुश्किल, इसलिए बचाव पर दें विशेष ध्यान
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। उम्र बढ़ने के साथ डिमेंशिया यानी याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता कमजोर होने का खतरा बढ़ सकता है। इस खतरे को कम करने के लिए 40 से 60 साल की उम्र के बीच ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखना बेहद जरूरी है। धूम्रपान से दूरी और नियमित शारीरिक गतिविधि भी दिमाग को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती है।
एम्स न्यूरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. मंजरी त्रिपाठी ने कहा कि डिमेंशिया के खतरे को कम करने के लिए 40 से 60 वर्ष की उम्र के बीच ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर नियंत्रित रखना अत्यंत जरूरी है। धूम्रपान से दूरी और नियमित शारीरिक गतिविधि भी दिमाग को स्वस्थ रखने में सहायक है।
उन्होंने कहा कि हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज लंबे समय तक रहने पर रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे स्ट्रोक व अन्य मस्तिष्क संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ता है। धूम्रपान से भी रक्त वाहिकाओं को नुकसान होता है और शरीर में सूजन व ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है। उन्होंने बताया कि डिमेंशिया केवल उम्र बढ़ने से नहीं, बल्कि जीवनशैली व दीर्घकालिक बीमारियों से भी जुड़ा है। इसलिए ब्लड प्रेशर, शुगर व कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच व समय पर इलाज जरूरी है। डॉ. त्रिपाठी ने कहा कि डिमेंशिया का इलाज मुश्किल है, इसलिए बचाव पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण है।