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Delhi NCR News: मरीजों की कतार बनी परेशानी, बीमार और बुजुर्गों के लिए अलग लाइन की व्यवस्था नहीं

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सिमरन
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नई दिल्ली। एम्स दिल्ली में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को शटल सेवा का लाभ लेने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों और उनके परिजनों का आरोप है कि शटल सेवा के लिए अलग-अलग श्रेणी की लाइन की व्यवस्था नहीं है। इससे मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी आम लोगों के साथ लंबी कतार में खड़ा होना पड़ता है।
एम्स में देशभर से लोग इलाज कराने पहुंचते हैं। इनमें बड़ी संख्या ऐसे मरीजों की होती है, जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं या गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। बावजूद शटल सेवा के लिए सभी लोगों को एक ही लाइन में खड़ा किया जाता है। कई बार मरीजों को कड़ी धूप में लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है, जिससे उनकी तबीयत और खराब होने का खतरा बना रहता है।
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मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि अस्पताल परिसर में एक ही कतार में सभी लोगों के खड़े होने से संक्रमण फैलने का खतरा भी बढ़ जाता है। मरीजों का कहना है कि शिकायत करने पर उन्हें सहयोग के बजाय ऐसे जवाब मिलते हैं, जिससे उनकी परेशानी कम होने की जगह बढ़ जाती है।

एम्स दिल्ली की जनसंपर्क अधिकारी डॉ. रीमा दादा ने बताया कि ट्रैफिक, सुरक्षा और इंजीनियरिंग समितियां मरीजों को होने वाली दिक्कतों से अवगत हैं। उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें मरीजों और स्टाफ को धूप और बारिश से राहत देने के लिए विभिन्न स्थानों पर सन शेड समेत अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि हाल ही में कैंपस गैराज और परिक्रमा (शटल सेवा) के लिए अतिरिक्त शेड बनाए गए हैं। इसके अलावा शटल सेवा के रूट्स को बेहतर बनाने, वाहनों के सही उपयोग और यातायात प्रबंधन से जुड़े अन्य सुधारों पर भी काम चल रहा है।
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मरीजों ने की बेहतर व्यवस्था की मांग

मरीजों और उनके परिजनों ने एम्स प्रशासन से मांग की है कि शटल सेवा के लिए मरीजों, महिलाओं और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग लाइन की व्यवस्था की जाए। साथ ही, शिकायत सुनने के लिए कर्मचारियों को मरीजों के साथ बेहतर व्यवहार करने के निर्देश दिए जाएं। मरीज विशेष का कहना है कि एम्स जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में मरीजों की सुविधा और सुरक्षा सबसे अहम होनी चाहिए। शटल सेवा की व्यवस्था में छोटे बदलाव करके गंभीर मरीजों, बुजुर्गों और महिलाओं को बड़ी राहत दी जा सकती है।
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