भोंडसी के रायन इंटरनेशनल स्कूल में 07 वर्षीय प्रद्युमन की हत्या के 12 घंटे के अंदर एक आरोपी को पकडने का दावा भले ही पुलिस कर रही हो, लेकिन पुलिस की थ्योरी पर अभिभावक और आरोपी के परिजनों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रद्युमन के परिजनों ने भी पुलिस की कार्रवाई पर पूरी तरह संतुष्ट नहीं है। जानकारों का मानना है कि पुलिस की कार्रवाई में कहीं न कहीं कुछ कमी है।
शुक्रवार रात प्रेसवार्ता में डीसीपी सिमरदीप सिंह ने कहा कि आरोपी बच्चे के साथ यौन शोषण करना चाहता था। जब वह फेल हुआ तो उसने बच्चे की हत्या कर दी, लेकिन मौका-ए-वारदात पर जब बच्चा गिरा हुआ था और जब क्राइम सीन पर पुलिस के आला अधिकारी पहुंचे थे तो उस समय पुलिस ने खुद माना था कि बच्चे का पैंट और बेल्ट दोनों सही थे।
पैंट खींचने को लेकर भी कोई निशान नहीं थे। वहीं, पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे के कपड़े पर वीर्य के कोई निशान नहीं है। यौन शोषण का कोई भी मामला मोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं है।
पुलिस के मुताबिक अशोक ने ही प्रद्युमन की हत्या की
प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज
- फोटो : ANI
दूसरी ओर पुलिस के मुताबिक आरोपी अशोक ने ही प्रद्युमन की हत्या की है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर सात वर्षीय बच्चे को जब गला पकड़ा गया होगा तो वह चिल्लाया जरूर होगा। टॉयलेट के बगल वाले गलियारे में ही एक कक्षा है तो वहां तक आवाज कैसे नहीं पहुंची और कोई क्यों नहीं आया?
प्रद्युमन के हत्यारोपी अशोक के पास चाकू कैसे आया? जब उसकी हत्या की गई तो आरोपी के बदन पर भी खून के निशान लगे होंगे? वह कपड़े पुलिस अब तक क्यों बरामद नहीं कर सकी। जबकि खून के निशान दीवारों पर डेढ़ से ढाई मीटर ऊपर तक है।
ऐसे में खून आरोपी के कपड़े पर लगना लाजिमी है, लेकिन पुलिस ने अभी तक इस बात को लेकर कोई जवाब नहीं दिया। मौका-ए-वारदात से पुलिस को जो चाकू बतौर सबूत मिला है, वह खून से सना होने के बावजूद साफ सुथरा कैसे हो गया? गला कटने के तुरंत बाद प्रद्युमन भागा तो आरोपी के पास चाकू साफ करने के लिए इतना समय कैसे मिला?
स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया
ryan school
- फोटो : अमर उजाला
प्रद्युमन के चाचा प्रदीप ठाकुर का कहना है कि पुलिस की ओर से अब तक स्कूल प्रबंधन के खिलाफ अब तक कोई मामला दर्ज नहीं किया गया। स्कूल में हत्या की घटना स्कूल प्रबंधन की लापरवाही के कारण हुआ है।
चाकू से कंडक्टर का क्या वास्ता? टॉयलेट में चाकू कैसे आया? इस बारे में पुलिस कुछ भी नहीं बताने में अक्षम है। जांच में आया है कि स्कूल के कैमरे सही से नहीं चल रहे थे। इसके बावजूद पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई स्कूल प्रबंधन के खिलाफ क्यों नहीं की?
वहीं, दूसरी ओर प्रद्युमन को उसके पिता खुद स्कूल छोड़ते थे, तो उसका कंडक्टर व स्कूल ड्राइवर से क्या वास्ता है? इस मामले में पुलिस की थ्योरी सही नहीं है। कुछ अभिभावकों ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि खून के निशान प्रद्युमन के बोतल पर थे, जो टॉयलेट के बाहर पड़ा हुआ था। बच्चों की मदद से साफ क्यों करवाया गया?