उन्होंने बताया कि पानी का भी कोई प्रबंधन नहीं था। इस कारण आग फैलती चली गई। कुछ देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। घटनास्थल और आसपास के इलाके में प्लास्टिक का काम ज्यादा होता है। इस कारण आग फैलती चली गई और किसी को संभलने का मौका नहीं मिला।
बताया जा रहा है कि फायर ब्रिगेड के कर्मियों को इलाके के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। साथ ही यह भी पता नहीं था कि इस इलाके में प्लास्टिक का ज्यादा काम होता है। आग पर काबू पाने के लिए शुरू में कुछ ही गाड़ियां भेजी गई थी। बाद में बड़ी संख्या में फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भेजा गया था।