बिसाहड़ा कांड के बाद अगले दिन सुबह एनटीपीसी क्षेत्र में उपद्रव और गोलीबारी की घटना में पीड़ितों ने पुलिस पर उंगली उठा दी है।
इस कांड में गोली से घायल राहुल यादव ने मजिस्ट्रेट के सामने एक पुलिस सब इंस्पेक्टर पर गोली मारने का आरोप लगाया है। मालूम हो कि उपद्रव के बाद फायरिंग की मजिस्ट्रेट जांच का आदेश जिलाधिकारी ने दिया था। मामले को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था।
30 अगस्त को एनटीपीसी में हुए उपद्रव और फायरिंग के मामले में अभी तक ऊंचा अमीरपुर और वहां मौजूद गांववासियों के बयान दर्ज हुए हैं। वहीं, इस दौरान फायरिंग में घायल राहुल यादव उसके पिता के भी मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज किए गए हैं।
इस मामले में अभी सीओ बिसरख राकेश कुमार, सीओ दादरी अनुराग सिंह, तत्कालीन थाना प्रभारी जारचा सुबोध कुमार सिंह के बयान होने हैं। अनुमान जताया जा रहा है कि बाकी बचे बयान दर्ज होने और मजिस्ट्रेट जांच में अभी लगभग एक महीने का वक्त लग सकता है।
इस मामले में पीड़ित राहुल यादव ने शुक्रवार को अपने बयान में बताया कि वह सुबह अपने कार्य से जाने के लिए एनटीपीसी क्षेत्र से निकला था। इस दौरान वहां भीड़ देखकर उसे रुकना पड़ा। पुलिस पर उंगली उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस की ओर से अचानक लाठीचार्ज कर दिया गया।
जब तक वह भागता तब तक एक सबइंस्पेक्टर ने गोली चला दी। उसने बताया कि जो उसकी जांघ में लग गई और वह गिर पड़ा। किसी तरह से वहां मौजूद लोगों ने उसे अस्पताल पहुंचाया। इस दौरन पुलिस की ओर से कई राउंड फायर हुए थे।